हाथरस : भगवान जगन्नाथ को कलश से स्नान कराते श्रद्धालु। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के हलवाई खाना जैन गली स्थित मंदिर में प्राचीन परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत हो गई। परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से स्नान कराया गया। इससे भगवान जगन्नाथ ज्वर से पीड़ित हो गए हैं। भगवान के बीमार होने पर वैद्य द्वारा इलाज किया जा रहा है। इस समय भगवान को लौंग, इलायची, काली मिर्च, मुलैठी आदि का काढ़ा तैयार कर दिया जा रहा है। भगवान के बीमार होने की वजह से मंदिर में वाद्य यंत्र प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
मंदिर के महंत पं. रामकुमार शर्मा ने बताया कि बृज की देहरी में जगन्नाथपुरी से 218 वर्ष पूर्व भगवान जगन्नाथ के विग्रह को यहां लाया गया था। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को भीषण गर्मी के चलते भगवान को 108 कलशों से स्नान कराया गया। तभी से भगवान ज्वर से पीड़ित हो जाते हैं। ज्वर से पीड़ित होने के कारण भगवान के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
भगवान को औषधि युक्त काढ़ा प्रतिदिन दिया जा रहा है। इन दिनों मंदिर में शंख, घंटे, घड़ियाल, मृदंग सभी वाद्य यंत्र प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। भगवान की आरती भी शांति से की जा रही है, ताकि उनके विश्राम में कोई खलल न पड़े। भगवान को परवल का अर्क दिया जाएगा। तब भगवान स्वस्थ होने के बाद अपनी मौसी के घर जाएंगे। एक जुलाई को मंदिर से शाम को पालकी में विराजमान होकर गुड़िहाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर पहुंचेंगे। वहां से रथ में सवार होकर शहर भ्रमण करेंगे। महंत रामकुमार शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की है। संवाद