जिले में मातृ और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही जननी सुरक्षा योजना में जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि स्थानांतरित करने के मामले में पूरे प्रदेश और मंडल में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 7545 संस्थागत प्रसवों के सापेक्ष 6649 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना की धनराशि सफलतापूर्वक वितरित की जा चुकी है। यह कुल प्रसवों का 88.12 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ जिले ने अलीगढ़ मंडल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम रैंक हासिल की है।
स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन
मुरसान व सादाबाद : मुरसान (516 प्रसव) और सादाबाद (777 प्रसव) स्वास्थ्य केंद्रों में भुगतान का प्रतिशत 100 प्रतिशत से अधिक रहा।
सासनी : सासनी में 534 प्रसवों के सापेक्ष 541 लाभार्थियों का भुगतान (101.31%) दर्ज किया गया।
हसायन व सिकंदराराऊ : हसायन में 728 लाभार्थियों में से 717 को भुगतान मिला। सिकंदराराऊ में 828 प्रसवों के सापेक्ष 816 महिलाओं को भुगतान मिला।
जिला महिला अस्पताल : यहां कुल 905 प्रसव कराए गए, जिनमें से 884 प्रसूताओं के खातों में जननी सुरक्षा योजना की राशि पहुंचा दी गई।
सहपऊ व महौ : सहपऊ में 345 प्रसवों के सापेक्ष 342 और महौ में 455 प्रसव के सापेक्ष 374 भुगतान हुए।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में यूपीएचसी रानी का नगला ने 100 फीसदी भुगतान किया है। मधुगढ़ी ने 83.33 फीसदी, सिकंदराराऊ ने 74.07 फीसदी, सादाबाद ने 72.15 फीसदी और जलेसर रोड ने 50 फीसदी प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी है।
शत-प्रतिशत लाभार्थियों को योजना का सीधा लाभ समय पर पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वय से संस्थागत प्रसवों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सफलता मिल रही है।
-डॉ. वेदप्रकाश, सीएमओ