फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : जानिए क्यों बढ़ रहे हैं जिले में बुखार के मरीज

विज्ञापन
हाथरस : बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए लगी मरीजों की भीड़। संवाद - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

जिले में बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास बुखार से निपटने के इंतजाम नाकाफी हैं। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिले में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है।
वायरल बुखार के लक्षण
- वायरल बुखार में सिरदर्द एक सामान्य लक्षण है।
- आंखों का लाल होना भी वायरल फीवर का एक लक्षण है।
- आंखों में जलन भी वायरल फीवर का लक्षण है।
- गले में दर्द वायरल फीवर का लक्षण है।
- बहुत ज्यादा ठंडा लगना भी वायरल फीवर के लक्षण मैं आता है।
- शरीर में दर्द इसका बहुत ही सामान्य लक्षण है।
- शरीर का तापमान बढ़ना या शरीर का बहुत अधिक गर्म होना वायरल बुखार के लक्षण हैं।
- जोड़ों का दर्द भी इस बीमारी का संकेत है।
- बुखार एक दिन में आसानी से ठीक नहीं होता है, अगर रोगी को उचित इलाज मिल जाए तो कम से कम 4 से 5 दिन लगेंगे। इस बीमारी में मरीज को समय पर इलाज न मिलने पर काफी परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन

वायरल बुखार और डेंगू में अंतर
दरअसल डेंगू की बीमारी मानसून के मौसम में ज्यादा फैलती है, जबकि वायरल बुखार मौसम बदलने से ज्यादा होता है। दोनों बीमारियों के लक्षण बहुत हद तक एक जैसे हैं। डेंगू एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि वायरल बुखार संक्रमण से फैलता है। डेंगू का मच्छर साफ़ और गंदे दोनों पानी के ठहराव में पनपता है। डेंगू के टेस्ट में रिपोर्ट पहली बार में ही पॉजिटिव नहीं आ जाती है, जबकि वायरल बुखार का पहली बार में ही पता लगाया जा सकता है। डेंगू बुखार फीवर से अधिक घातक बीमारी है, इसलिए डेंगू के मरीज को देखभाल की ज्यादा आवश्यकता होती है।
वायरल बुखार के मुख्य कारण
- वायरल बुखार होने के बहुत से कारण है। यह बीमारी मौसम के बदलने और मानसून के समय अधिक होती है।
- संक्रमित भोजन और पानी का सेवन वायरल बुखार का कारण हो सकता है।
- प्रदूषण के कारण कुछ ऐसे कण होते हैं, जो शरीर के अंदर चले जाते हैं, जिससे शरीर कमजोर हो जाता है और वायरल फीवर हो जाता है।
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण शरीर वायरल बुखार से संक्रमित हो जाता है।
- वायरल बुखार से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी वायरल बुखार फैलता है।
वायरल बुखार का समय
वायरल बुखार सामान्य बुखार के तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक समय तक रहता है। इसके मरीज को अगर समय पर इलाज और देखभाल मिल जाए तो उसे ठीक होने में पांच दिन तक लग सकते हैं। अगर किसी मरीज को सही इलाज न मिले तो वायरल बुखार ठीक होने में 13 से 15 दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में मरीजों को जितना हो सके, आराम करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए, इससे उन्हें जल्द ठीक होने में मदद मिलेगी। अगर किसी मरीज की स्थिति गंभीर हो रही है और बुखार कम नहीं हो रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन

बोले मरीज
पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल से दवा लेकर गई थी, उससे फायदा हुआ है, अब और दवा लेने आई हूं।
-नन्नो, मरीज
सर्दी लगने के कारण थोड़ा जुकाम हो गया है, जिससे पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। सीने में भी दर्द है। उसी की दवा लेने आई हूं।
-मीना, मरीज
मेरे बच्चे को बुखार आ गया है। उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल आई हूं। यहां काफी देर से लाइन में लगकर अपना नंबर आने का इंतजार कर रही हूं।
-गुल्फसा, तीमारदार
बेटी बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ गई है। उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल लाई हूं। लाइन में लगकर कर अपनी बारी का इंतजार कर रही हूं।
-माला, तीमारदार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें