मामला दबा, जारी रहा काम
कई दिनों तक चली छानबीन के बाद यह मामला दब गया था। अब देवास में हुए विस्फोट में हाथरस से कलमी शोरा भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि जिले में चोरी छिपे कलमी शोरा काम चल रहा है। एसआईटी के आने के बाद से अवैध तरीके से इस काम को कर रहे लोग अंडरग्राउंड हैं।
इस तरह काम करता है कलमी शोरा
कलमी शोरा यानी पोटेशियम नाइट्रेट का पारंपरिक काले बारूद और आतिशबाजी के निर्माण में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में उपयोग किया जाता है। रासायनिक रूप से यह एक ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है, इसलिए बारूद को जलने के लिए बाहरी हवा पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। यह ऑक्सीजन दहन की गति को अत्यंत तीव्र कर देती है, जिससे तेजी से ऊर्जा और गैसों का प्रसार होता है, इसलिए इसकी काफी डिमांड रहती है। कुछ फैक्टरी संचालक अन्य कैमिकल के कार्यों की आड़ में कलमी शोरा भेजते हैं।