हाथरस कांड: बिटिया के घर के बाहर तैनात सीआरपीएफ।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के परिजनों ने इस बार दिवाली का त्योहार नहीं मनाया। यह त्योहार उनके लिए खोटा हो गया है। बिटिया के पिता का कहना था कि इस बार तो वह कहीं बाहर भी नहीं गए और घर में खील-बतासे तक नहीं मंगाए। वहीं घर पर सीआरपीएफ की कड़ी चौकसी बरकरार रही। इधर, पिछले तीन दिन से सीबीआई न तो गांव गई और न ही थाने आई। ऐसे में चर्चा रही कि कहीं सीबीआई अपनी जांच पूरी कर वापस तो नहीं लौट गई।
बिटिया की मौत के बाद उसके परिजन अभी भी गम में डूबे हुए हैं। परिजनों ने इस बार त्योहार नहीं मनाया। बिटिया के पिता ने पूछने पर बताया कि ऐसे में हम क्या त्योहार मनाते। घर से कहीं जा ही नहीं रहे। उनका कहना था कि इस बार तो हमने खील-बतासे तक नहीं मंगाए। वहीं बिटिया के कुछ रिश्तेदार जरूर त्योहार के मौके पर घर पर आए और इन लोगों ने परिजनों को त्योहार पर सांत्वना दी।
रोजाना की तरह सीआरपीएफ की चौकसी दिवाली और गोवर्धन के दिन भी रही। गांव में सीआरपीएफ ने गश्त की और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी। इधर, सीबीआई की गतिविधियां पिछले तीन दिन से शांत हैं। सीबीआई न तो गांव आ रही है और न ही थाने पहुंचकर या किसी को बुलाकर पूछताछ कर रही है। यह चर्चा भी रही कि कहीं सीबीआई ने अपनी जांच तो पूरी नहीं कर ली।
गांव के अन्य घरों में निभाई दिवाली की परंपरा
हाथरस। बात यदि गांव की करें तो गांव के लोगों ने जरूर दिवाली के त्योहार की परंपरा को निभाया, लेकिन इसे लेकर कोई उत्साह दिखाई नहीं दिया। कुछ घरों में रंगाई-पुताई के अलावा सजावट देखी गई। गोवर्धन पूजा भी की गई।