न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बुखार आने पर मलेरिया, डेंगू और कोविड की जांच कराए जाने की सलाह स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही है। इन जांचों के होने से बुखार के मरीज व तीमारदार के मन में पैदा होने वाला भ्रम दूर हो जाएगा, क्योंकि बुखार आने का इनमें एक कोई कारण हो सकता है।
मौसम बदलने के साथ ही साथ बुखार के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। हर दिन जिला अस्पताल सहित जिला सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों में करीब 50 फीसदी मरीज बुखार के रोग के होते हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी काफी अलर्ट है। तभी तो बुखार आने पर रोगी की मलेरिया, डेंगू, टायफाइड और कोरोना की जांच कराए जाने की सलाह दी जा रही है। संवाद
बुखार के रोगियों की तीन जांच होना बहुत जरूरी है, जिसमें मलेरिया, डेंगू और कोरोना की जांच शामिल हैं। हालांकि बुखार आने का कारण यह तीनों बीमारी नहीं हैं, फिर भी जांच कराए जाने से बुखार की स्थिति स्पष्ट होने के बाद मरीज को बेहतर उपचार दिया जा सकता है, इसलिए बुखार के गंभीर रोगियों की ये तीनों जांच कराए जाने के निर्देश संबंधित को दिए गए हैं।
-डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी, सीएमओ
बुखार के प्रकार
क वायरल- इन्फेक्शन से होने वाला बुखार
क चकिनगुनिया- मच्छर के काटने से होने वाला बुखार
क कमजोरी से होने वाला बुखार
क मलेरिया- मच्छर के काटने से होने वाला बुखार
क दिमागी बुखार - मस्तिष्क में सूजन आने पर होने वाला बुखार
क डेंगू - मच्छर के काटने से होने वाला बुखार
क टाइफाइड - दूषित पानी या भोजन का सेवन से होने वालाबुखार
बुखार होने के कारण
क बुखार अक्सर सर्दी, खांसी और जुकाम बढ़ने पर होता है
क अगर आप बारिश में भीगते हैं तो ऐसे में भी आपको बुखार होने की संभावना बढ़ जाती है
क मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छरों के काटने से भी बुखार होता है
क दूषित पानी या भोजन का सेवन करने पर होने वाला बुखार टाइफाइड हो सकता है
बुखार के लक्षण
क शरीर का तापमान 103 या इससे ज्यादा होना
क लगातार सिरदर्द रहना
क ठंड लगना या कंपकंपी आना
क हाथ पैरों में दर्द होना
क शारीरिक कमजोरी महसूस करना
क मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन महसूस करना
बुखार के समय की सावधानियां
क हमेशा गर्म कपड़ों से कवर रहें
क पूरी बाजू के कपड़े पहनें
क ठंडी चीजों से परहेज करें
क मच्छर वाली जगह से दूर रहें
क हमेशा हाथ धोकर ही खाना खाएं
क बच्चों को एस्पिरिन देने से बचें
क अधिक मात्रा में पैरासिटामोल और एस्पिरीन लेने से बचें, इससे पेट से खून बहना, लीवर खराब होना या किडनी की समस्या हो सकती है।
बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार की दवाई लें।