संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश पर जिला न्यायाधीश मृदुला कुमार के निर्देश पर चयनित पराविधिक स्वयं सेवकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह एवं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरेंद्र निरंजन ने आपराधिक कानून (आईपीसी और सीआरपीसी) (न्यूनतम आवश्यक ज्ञान, विशेष रूप से, जमानत, गिरफ्तारी आदि, धारा 357ए सीआरपीसी के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
इसके उपरांत सिविल जज (कप्र)/एफटीसी मिक्की सिंह व तहसीलदार आशुतोष कुमार ने पीएलवी को पंजीकरण स्टांप शुल्क, राजस्व कानून के विषय पर प्रशिक्षण दिया। अपर सिविल जज कप्र कोर्ट संख्या एक जीशान मेहंदी, बागला जिला चिकित्सालय से डॉ. कल्पना शर्मा ने पीएलवी को अधिकारहीन के समूहों के अधिकार जैसे कि एचआईवी/एड्स के साथ रहने वाले दिव्यांग ट्रांसजेंडर आदि मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 1987 और नालसा योजना के तहत कानूनी सहायता मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों और मानसिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना, 2010 आदि के विषय पर प्रशिक्षण दिया गया।
अंत में अपर सिविल जज कप्र कोर्ट संख्या पांच भावना शर्मा व जालिम सिंह, रमेशचंद्र वर्मा, मध्यस्थ अधिवक्ताओं ने पीएलवीगण को पारिवारिक कानून (विवाह कानून, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण, अभिरक्षा और संरक्षकता, न्यायिक विभाजन और तलाक) के विषय पर प्रशिक्षण दिया। संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा ने किया।