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हाथरस : महंगाई ने फीका किया दिवाली की मिठाई का जायका

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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महंगाई की मार ने इस बार दिवाली की मिठाई का जायका भी फीका कर दिया है। देसी घी व वनस्पति से निर्मित मिठाइयों के दामों में करीब 60 से 100 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है। मिठाई के दाम इसलिए बढ़ गए हैं, क्योंकि गैस सिलिंडर, देसी घी और दूध के दामों में वृद्धि हुई है।
दिवाली के पर्व की शुरुआत 23 अक्तूबर धनतेरस के साथ होगी। इन त्योहारों पर बाजारों में भीड़ उमड़ती है। मिठाई व अन्य सामान की खूब खरीदारी की जाती है। हाथरस शहर की बात करें तो यहां हर साल दीपोत्सव के पर्व पर कई टन मिठाई की खपत होती है, लेकिन दाम बढ़ने से इस बार आमजन के लिए मिठाई खरीदना महंगा होगा। संवाद
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इस कारण बढ़ी मिठाई पर महंगाई
पहले देसी घी का टिन 5,200 रुपये का था। वर्तमान में साढ़े आठ हजार रुपये का हो गया है। गैस सिलिंडर कामर्शियल एक हजार रुपये का था। इसके दाम अब बढ़कर दो हजार रुपये हो गए हैँ। बालूशाही 380 से 440 रुपये प्रति किलो हो गई है। सोनपापड़ी व घी से बनने वाली अन्य मिठाइयां के दामों में 80 से 100 रुपये प्रति किग्रा का इजाफा हुआ है। वहीं काजू की बर्फी पहले 600 रुपये प्रति किग्रा थी, लेकिन काजू महंगा होने के कारण अब इसकी कीमत 700 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है।
कारोबारियों के तर्क
पहले घी के रेट 52 सौ रुपये प्रति टिन थे। अब साढ़े आठ हजार रुपये टिन पहुंच गया है। अन्य सामान भी महंगा हो गया है। इस कारण मिठाई के रेट बढ़ाए गए हैं। मिठाई महंगी होने के कारण मुनाफा भी कम हो गया है। इस कारण कारोबार में परेशानी आ रही है।
-रामेश्वर दयाल शर्मा उर्फ रम्मो गुरु, मिठाई विक्रेता।
कामर्शियल गैस सिलिंडर पहले एक हजार रुपये का था। अब दो हजार रुपये का है। कोयला और लकड़ी के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। घी के बढ़े दाम के चलते मिठाई के दामों में इजाफा किया गया है। दीपोत्सव के लिए तरह-तरह की मिठाइयां तैयार की जा रही हैं।
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-अजय अग्रवाल, मिठाई विक्रेता।
दूध के दाम 40 से साठ रुपये प्रति किलो पहुंच गए है। इस कारण मावा के दामों में इजाफा हुआ है। मावा से निर्मित मिठाइयाें के दामों में इस कारण इजाफा हुआ है। दिवाली ऐसा त्योहार है, जिस पर हर कोई सामर्थ्य के अनुसार मिठाई खरीदता है।
-कृष्ण मुरारी मिठाई विक्रेता
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