न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अभी तक कोरोना महामारी से अछूते हाथरस शहर में बीचों-बीच एक कोरोना संक्रमित के मिलने के बाद यहां अब संक्रमण का खतरा फैलने की आशंका जताई जा रही है। इस कैंसर पीड़ित के संक्रमित होने की जैसे ही पुष्टि हुई वैसे ही पूरे इलाके में खलबली मच गई। पहले पुलिस ने पूरा इलाका खाली करा लिया और उसके बाद वहां अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात दिखे।
हालांकि जिले के सासनी कस्बे में करीब डेढ़ माह पहले चार जमाती कोरोना संक्रमित मिले थे, जोकि बाद में उपचार के उपरांत स्वस्थ हो गए थे। जिले के निकटवर्ती आगरा, अलीगढ़ और मथुरा में लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे थे, लेकिन यहां के लोगों को इस बात को लेकर राहत थी कि शहर में अभी तक कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। शुक्रवार को जैसे ही कैंसर पीड़ित वृद्ध को कोराना की पुष्टि हुई और प्रशासन ,पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीमें आनन-फानन गली सीकनापान पहुंच गई।
एकबारगी तो वहां लोगाें को कुछ पता ही नहीं चला। उसके बाद जैसे ही टीमों ने इस वृद्ध को अलीगढ़ व उसके परिजनों को सासनी क्वारंटीन सेंटर पर भेजा तो वहां खलबली मच गई। टीमें पूरे इलाके को खाली कराकर इसे सैनिटाइज करने में जुट गई। काफी लोगों ने खुद को अपने घरों में बंद कर लिया। पुलिस ने बैरियर लगा दिए और पूरा इलाके में एक तरह से अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो गई। यह इलाका शहर के बीचोँ बीच में स्थित है और शहर के कई मुख्य बाजारों से जुड़ा है इसलिए इस केस के मिलने के बाद शहर में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
टिंबर कारोबारी है यह कोरोना संक्रमित
हाथरस। कैंसर पीड़ित यह वृद्ध का नोएडा के एक नामचीन अस्पताल में पिछले कई सालों से इलाज चल रहा था। वह नियमित रूप से कीमो थैरेपी के लिए नोएडा जाते थे। यह व्यवसायी का अलीगढ़ रोड स्थित चिंताहरण मंदिर के निकट टिंबर का कारोबार है।
पूरे शहर में जंगल में आग की तरह फैली यह खबर
हाथरस। जैस ही इस कैंसर पीड़ित कारोबारी को कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वैसे ही यह खबर पूरे शहर में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई। लोग अपने अपने तरीके से इसे पुष्ट करने में जुट गए। इसकी पुष्टि होने के बाद तरह तरह की चर्चाएं भी शहर में सुनने को मिली। इस इलाके के लोगों में काफी भय व्याप्त दिखा।