हाथरस जंक्शन स्थित पासपोर्ट केंद्र पर रोजाना 40 पासपोर्ट बनते हैं। 2019 में पासपोर्ट केंद्र बनने के बाद आज तक 20 हजार से अधिक लोगों ने यहां से पासपोर्ट बनवाए हैं। हाथरस जंक्शन पासपोर्ट केंद्र पर स्कैनिंग की सुविधा नहीं है, इस कारण आवेदक तक पासपोर्ट पहुंचने में समय लगता है।
चार साल में करीब 20 हजार लोगों ने हाथरस जंक्शन स्थित पासपोर्ट केंद्र से पासपोर्ट बनवाए हैं। सोनीपत, नोएडा और अलीगढ़ के लोग हाथरस के पासपोर्ट केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इस साल में यहां से 4950 लोगों ने पासपोर्ट हासिल किया है।
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इसकी वजह अन्य पासपोर्ट केंद्रों पर स्लॉट मिलने में देरी होना भी है। इस कारण इन जिलों के आवेदक हाथरस जंक्शन केंद्र का रुख कर रहे हैं। यहां से प्रतिदिन 40 पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। पासपोर्ट बनवाने वालों में कोई कामकाज के सिलसिले में विदेश जाने की तैयारी करने वाला शामिल है, तो कोई नवीनीकरण के लिए यहां आ रहा है।
पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को गाजियाबाद व अलीगढ़ की दूरी तय करनी पड़ती थी। वर्ष 2019 में सांसद राजेश दिवाकर के प्रयासों से यहां पासपोर्ट केंद्र बना था। हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन के निकट बने पासपोर्ट केंद्र से चार साल में 20 हजार लोगों ने पासपोर्ट बनवाए गए हैं।
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इस तरह बनेगा पासपोर्ट
जन सुविधा केंद्र पर पहुंचकर पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। उसके बाद जो तिथि मिलेगी, उस तिथि में हाथरस जंक्शन स्थित पासपोर्ट केंद्र पर पहुंचें। आधार कार्ड, पैनकार्ड, हाईस्कूल की मार्कशीट की मूल कापी साथ लेकर आएं, सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी। उसके बाद नियत अवधि में आवेदक को पासपोर्ट मिल जाएगा। अधिकारियों की मानें तो एक पासपोर्ट बनने में करीब 20 दिन का समय लगता है।
हाथरस जंक्शन में बने पासपोर्ट केंद्र पर स्कैनिंग की सुविधा नहीं है, इसलिए अधिकारियों द्वारा आवेदकों से कलर फोटो स्टेट के कागजात लिए जाते हैं। फिर उनको गाजियाबाद भेजा जाता है। इस कारण आवेदक तक पासपोर्ट पहुंचने में समय लगता है। यदि जनप्रतिनिधि यहां स्कैनिंग की सुविधा शुरू करा दें,तो आवेदकों को काफी राहत मिलेगी।
अलीगढ़ में दो माह बाद का स्लॉट मिल रहा था, इसलिए हाथरस जंक्शन केंद्र का स्लॉट लिया है। अभी वह पढ़ाई कर रहे हैं। कभी नौकरी के लिए बाहर जाना पड़ा तो इसके लिए पासपोर्ट बनवा रहे हैं। -रूपेश, छात्र निवासी खैर
मैं पूना में हवाई जहाज के लिए शॉकर बनाने की कंपनी में काम करता हूं। मेरे सभी साथी दुबई व सऊदी अरब में है। उन्होंने मुझे पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा है, इसलिए मैं यहां पासपोर्ट बनवाने के लिए आया हूं। -सुरेश कुमार निवासी आगरा
गाजियाबाद में दो माह बाद का स्लॉट मिल रहा था, इसलिए यहां स्लॉट लेकर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने के लिए आए हैं। यहां तक आने में खासी परेशानी हुई है। पासपोर्ट केंद्र से संबधित सांकेतिक चिह्न या रास्ते में बोर्ड लगाए जाएं। -प्रदीप कुमार जैन निवासी नोएडा
अब तक 20 हजार लोगों ने पासपोर्ट यहां से बनवाए हैं। इस साल 4950 लोगों ने पासपोर्ट बनवाए हैं। यहां ग्रामीण क्षेत्र है। यहां स्लॉट एक माह पहले मिल रहा है, इसलिए आगरा, अलीगढ़, खैर ओर सोनीपत सहित कई जिलों के लोग पासपोर्ट बनवाने आ रहे हैं। एक दिन में 40 लोगों के पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। -जयकेश यादव, पासपोर्ट अधिकारी, हाथरस जंक्शन केंद्र