न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्थानीय पुलिस प्रशासन में रविवार को उस समय खलबली मच गई, जब पुलिस हिरासत में मृत गांव बिसाना के राजकुमार की पत्नी व अन्य परिजन पुलिस को गांव में नहीं मिले। पुलिस इनसे संपर्क करने में जुट गई। राजकुमार की पत्नी अंजना ने 27 जून को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर अनशन करने और आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह थाना चंदपा क्षेत्र के गांव बिसाना में दो पक्षों में जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई थी। पुलिस ने एक पक्ष के राजकुमार को हिरासत में ले लिया था। वह आरएसएस का कार्यकर्ता था। पुलिस हिरासत में राजकुमार की मौत हुई थी। इस मामले को लेकर काफी बखेड़ा हुआ था। तत्कालीन कोतवाली प्रभारी चंदपा सहित कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोतवाली प्रभारी सहित पांच पुलिस कर्मी निलंबित भी किए गए थे। शासन-प्रशासन ने इस मामले में मृतक राजकुमार के परिजनों को राहत देने के मकसद से पांच लाख रुपये सहायता राशि भी दी थी, लेकिन इससे भी उनके परिजन संतुष्ट नहीं हैं।
राजकुमार की पत्नी ने चेतावनी दी थी कि यदि इस मामले में हत्याभियुक्तों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह 27 जून को मुख्यमंत्री आवास पर बच्चों सहित अनशन करेंगी। शासन ने भी यदि मांगें नहीं मानीं तो वह आत्मदाह करेंगी। इस चेतावनी के बाद पुलिस अधिकारी राजकुमार के परिवार की निगरानी में जुट गए थे। रविवार को राजकुमार की पत्नी व कुछ अन्य परिजन जब गांव में नहीं मिले तो पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई और अधिकारी उनसे संपर्क करने में जुट गए। सीओ सादाबाद ब्रह्म सिंह ने स्वीकार किया है कि वह गांव में गए थे, लेकिन राजकुमार के कुछ परिजन उन्हें नहीं मिले। संवाद