हाथरस। नगर पालिका प्रशासन यदि बिजली महकमे को जगह उपलब्ध करा दे तो बिजली महकमा ई रिक्शा की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाने की तैयारी में जुटा है। शहर के ई रिक्शा चालकों को राहत देने व राजस्व को बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। चार्जिंग स्टेशन को बनाने के बाद बिजली महकमा उसको नगर पालिका के हैंडओवर कर देगा। इससे बिजली महकमा व नगर पालिका दोनों का राजस्व बढ़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि शहर में वर्तमान में करीब दो हजार ई रिक्शों का संचालन हो रहा है। अब नगर पालिका द्वारा इन रिक्शों को नियमों से चलवाने की कोशिश तेज कर दी गई है। ई रिक्शों के पंजीकरण किए जा रहे हैं। इस बीच बिजली महकमे ने भी ई रिक्शों से राजस्व बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। बिजली महकमा के अफसर अब यह कह रहे हैं यदि नगर पालिका प्रशासन उनको जगह उपलब्ध करा दे तो वह ई रिक्शा के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर देंगे। हाईटेंशन लाइन से ट्रांसफार्मर लगाने के बाद चार्जिंग के पाइंट आदि लगाकर पालिका को दे देंगे। नगर पालिका जितनी बिजली लेगी, उस हिसाब से बिजली महकमे को भुगतान करेगी।
चार बैटरी चार्ज होती हैं 10 से 12 घंटे में
शहर की सड़कों पर चल रहे ई रिक्शे में 12 वोल्ट की चार बैटरियां लगी हुई हैं। इन बैटरियों को चार्ज होने में 10 से 12 घंटे लगते हैं। चार्जिंग के बाद ई रिक्शा करीब दस घंटे बिना रुके डगर तय करता है। एक ई रिक्शा को खड़ा करने में चार से पांच फीट जगह चाहिए। नगर पालिका द्वारा रिक्शा चालकों से रीडिंग व जगह का चार्ज लगाते हुए राशि ली जाएगी, जिससे बिजली महकमे व नगर पालिका का दोनों का राजस्व बढ़ना तय है।
घरों के बाहर चार्ज हो रहे ई रिक्शा
इन दिनों शहर में दौड़ने वाले ई रिक्शे घरों के बाहर चार्ज हो रहे हैं, जो कि अवैध हैं। ई रिक्शा चालकों को भी चार्जिंग के दौरान यहीं डर सताता रहता है कि कहीं बिजली टीम चेकिंग करने नहीं आ जाए, जिससे उनको आर्थिक नुकसान के साथ टेंशन हो। यदि शहर में चार्जिंग स्टेशन बन जाए तो काफी हद तक ई रिक्शा चालकों को भी राहत मिलेगी।
अन्य शहरों में ई रिक्शा चार्जिंग के लिए स्टेशन बने हुए हैं। यदि नगर पालिका हमें जगह उपलब्ध करा दे तो हम चार्जिंग स्टेशन बनाकर उनके हैंडओवर कर देंगे।
-हरीमोहन, अधीक्षण अभियंता विद्युत