न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र के गांव सिंघर्र में गंदे नाले की पटरी कटने से किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न हो गई, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। ग्रामीणों ने प्रशासन केेेेेे खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम विजय कुमार शर्मा एवं नायब तहसीलदार रामगोपाल मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने तत्काल मौके पर रजबहे की सिल्ट सफाई के लिए जेसीबी बुलाई।
दरअसल, बारिश से पूर्व प्रतिवर्ष गंदे नाले की सिल्ट सफाई कराई जाती है और पटरी दुरुस्त कराई जाती है, लेकिन गंदे नाले की पटरी कटने से यह स्पष्ट हो गया है कि नाले की सफाई एवं पटरी को दुरुस्त कराने के लिए शासन से मिलने वाला धन संबधित अधिकारी हजम जाते हैं। इस कारण किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। मंगलवार की रात को गंदे नाले की पटरी कटने से गांव सिंघर्र के किसानों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई।
खेत में खड़ी ज्वार, बाजरा, मक्का और हरी सब्जियां गंदे नाले के दूषित जलभराव के कारण बर्बाद हो गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम को भी गांव जाने का रास्ता नहीं मिला तो वह अलीगढ़ जिले की सीमा में मडराक होकर जलमग्न भूमि को देखने पहुंचे। प्रदर्शन करने वालों में कन्हैया सिंह तोमर, कोमल सिंह, सुभाष दीक्षित, राकेश शर्मा, सत्यपाल सिंह, मनोज, लालाराम, विनय तोमर, गब्बर गौड़ आदि मौजूद थे।