न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अलीगढ़ में इस समय जहरीली शराब ने हाहाकार मचा रखा है। यदि बात इस जिले की करें तो इस जिले में भी शराब माफिया का नेटवर्क काफी गहरा है और दूर-दूर तक इसके तार जुड़े हैं। हालांकि पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत शरौब की कई फैक्टरी पकड़ीं। जब नकली शराब की एक फैक्टरी यहां पकड़ी गई तो उसका मथुरा जिले के शराब के कुछ ठेकों व ठेकेदारों से कनेक्शन उजागर हुआ था। इसे लेकर जांच भी शुरू की गई, लेकिन यह जांच किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची। इसके अलावा कोरोना कर्फ्यू में भी यह बात सामने आई थी कि सरकारी ठेकों से शराब को मंगाकर उसे महंगे दामों पर ठेकों से बाहर बेचा जा रहा था। कुछ लोग तब पुलिस ने पकड़े थे और ठेका भी सील कराया था।
निकटवर्ती अलीगढ़ जिले में इस समय जहरीली शराब से लगातार मौतें हो रही हैं। हालांकि इस जिले में भी नकली शराब के कारोबार की जड़ें गहरी हैं। करीब एक माह पहले शराब पीने के बाद नगला सिंगी में छह लोगों की मौतें हुईं, तब पुलिस चेती और पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार शुरू किया।
पुलिस ने लगातार अवैध शराब की बिक्री और इसके उत्पादन के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार चलाया। पिछले दिनों मुरसान के गांव गदाई में नकली शराब बनाने की एक बड़ी फैक्टरी पकड़ी गई थी। तीन लोग वहां से गिरफ्तार किए गए थे। नकली शराब बनाने का काफी माल, रेपर, क्वार्टर पुलिस को मिले थे। आबकारी विभाग की टीम भी इस ऑपरेशन में साथ थी।
तब पूछताछ में यह बात इन लोगों ने स्वीकार की थी कि कुछ गांवों के अलावा मथुरा के बल्देव क्षेत्र में शराब के कुछ ठेकों पर भी यह नकली शराब सप्लाई करते हैं। इसमें जांच भी की गई, लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है, फिर भी जांच जारी है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि इस जिले में शराब का अवैध काम करने वालों का गहरा नेटवर्क है और वह दूर-दूर तक फैला है।
बीच के बॉक्स के लिए--
गांवों और मलिन बस्तियों में बिकती है अवैध शराब
हाथरस। इस जिले में गांवों और मलिन बस्तियों में यह अवैध कारोबार अपनी जड़ें जमाए हुए है। यहां देहात में परचूनी की दुकानों पर खुलेआम शराब मिल जाती है। पुलिस की छानबीन और छापामारी में भी यही बात उजागर हुई थी कि ठेकों से शराब देहात और शहर की मलिन आबादी के कुछ इलाकों में पहुंच जाती है और वहां इसकी ऊंचे रेटों पर बिक्री होती है। संवाद