न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले को को सब नेशनल सर्टिफिकेट (एसएनसी) के लिए नामित किया गया। इसके तहत भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी रोग से मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 10 जिलों का चयन किया है। इनमें हाथरस का नाम भी शामिल है। सर्टिफिकेट के लिए एक माह 12 फरवरी 2022 से 11 मार्च 2022 तक भारत सरकार की टीम जिले के सभी ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्र में चुने गए वार्ड और गांवों में टीबी रोगियों की पहचान करने के लिए सर्वे करेगी। जिला क्षय रोग अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
इन गांव और मोहल्लों में जाएगी टीम
हाथरस। टीम हाथरस के जिन गांव और वार्डों में जाएगी, उनमें गांव तिपरस व शहरी वार्ड क्षेत्र के संख्या-12, सासनी के गांव रुहेरी, सादाबाद में गांव कजरौठी, सहपऊ में गांव सलेमपुर, शहरी वार्ड संख्या छह, मुरसान के गांव कुंवरपुर, नगला बांस एवं महमूदपुर जाटान, सिकंदराराऊ के गांव बस्तोई, हसायन के गांव नगला अडू शामिल हैं। संवाद
टीबी के लक्षण दिखने पर लिया जाएगा बलगम का नमूना
हाथरस। टीम घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले रोगियों की खोज करेगी और बलगम का नमूना एकत्रित कर निकट के सीबी नॉट और ट्रू नॉट लैब द्वारा जांच कराएगी। जांच में टीबी घोषित होने पर उन रोगियों का तत्काल टीबी का उपचार शुरू किया जाएगा। संवाद