न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोतवाली सदर में एक सुनार सहित तीन लोगों के खिलाफ सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार होने के मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इन तीनों पर पुराने आभूषणों से नये आभूषण बनाने के नाम पर सोने-चांदी के आभूषणों को लेकर फरार होने का आरोप है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
कोतवाली सदर इलाके की रग्गा पाठक गली निवासी किरन वार्ष्णेय पत्नी संजय वार्ष्णेय का आरोप है कि कमल वर्मा पुत्र किशनलाल वर्मा, दीप माला पत्नी किशनलाल वर्मा और निखिल पुत्र किशनलाल वर्मा निवासीगण गोवर्धन धाम मंदिर रेवाड़पुरा द्वारा उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। आरोप है कि किरन के घर के पास कमल वर्मा सोने-चांदी के आभूषण बनाने का काम करता था। उसके साथ उसकी पत्नी दीप माला व बेटा निखिल भी काम करता था।
किरन ने अपनी बेटी के विवाह के जेवरात बनाने के लिए अपने कुछ पुश्तैनी व पुराने सोने-चांदी के जेवरात कमल वर्मा को दे दिए। इनमें 10-10 ग्राम वजन के दो झाले व 40-40 ग्राम की दो चेन, 55 ग्राम वजन की छह अंगूठी, 25 ग्राम वजन का एक सोने का ब्रेसलेट और एक जोड़ी 200 ग्राम वजन की पायजेब कमल व उसकी पत्नी दीपमाला व बेटा निखिल को दो फरवरी 2021 को दिए।
कमल ने कहा कि करीब 20-25 दिन में जेवरात बनाकर देंगे, लेकिन इसके बाद कमल वर्मा कई लोगों का रुपया और जेवरात लेकर भाग गया। इसकी जानकारी किरन को हुई तो उनको चिंता होने लगी। वह कमल वर्मा के घर गई। उसकी पत्नी व बेटा कमल के घर पर न होने की बात कही। बाद में उसकी पत्नी व बेटे भी घर से फरार हो गए। कमल वर्मा के विरुद्ध कई लोगों ने कोतवाली हाथरस में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें वह गिरफ्तार होकर जेल चला गया। जेल से छूटने के बाद से फिर कहीं चला गया। अब न्यायालय के आदेश पर किरन वार्ष्णेय की तहरीर पर सुनार, उसकी पत्नी व बेटा के खिलाफ 420 का मुकदमा दर्ज किया गया है। संवाद