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हाथरस: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बिटिया ने तोड़ा दम

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हाथरस: दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद तालाब चौराहे पर तैनात पुलिस व पीएससी। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बीती 14 सितंबर को सामूहिक दुष्कर्म की शिकार अनुसूचित जाति की बिटिया ने मंगलवार की सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसकी मौत की जानकारी मिलते ही शहर में लोगों ने जुलूस निकालकर व जाम लगाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। मौत की जानकारी मिलते ही पूरा पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क हो गया। चंदपा कस्बे और बिटिया के गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूरे गांव की नाकाबंदी कर दी गई। आईजी अलीगढ़ ने खुद आकर कमान संभाल ली। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इस घटना के चारों आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
बीती 14 सितंबर को हाथरस के चंदपा क्षेत्र के एक गांव की 20 वर्षीय अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ दरिंदगी की गई थी। सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी जान लेने की कोशिश की गई थी। स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद युवती को गंभीर हालत में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। सोमवार को उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया था। मंगलवार की सुबह वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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इसकी जानकारी जैसे ही स्थानीय पुलिस व प्रशासन को हुई तो अधिकारी बेहद चौकस हो गए। पीड़िता के गांव और गांव को जाने वाले रास्ते पर चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दिया गया। दोपहर को आईजी अलीगढ़ पीयूष मोर्डिया भी यहां पहुंच गए । चंदपा थाने पहुंचकर उन्होंने पूरी व्यवस्थाएं अपने हाथ में ले ली। हाथरस शहर में इस युवती की मौत से गुस्साए लोगों ने जुलूस निकालकर सड़क पर जाम लगा दिया। जिसे पुलिस ने करीब दो घंटे बाद खुलवाया। पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली से देर शाम शव आने की जानकारी मिली है।
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चारों आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, नहीं काटी गई थी जीभ: एसपी
हाथरस के एसपी विक्रांत वीर का कहना है कि पुलिस चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती है। उन्होंने बताया कि इस युवती का 14 सितंबर गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गई थी। अब उपचार के दौरान पीड़िता की मौत सफदरजंग अस्पताल में हो गई है। मेडिकल रिपोर्ट में जीभ काटने और आंख फोड़ने जैसी कोई बात नहीं है। गर्दन दबाने पर दांतों के बीच में जीभ आ जाने पर चोट का निशान है। मृतका ने विवेचक को भी अपना बयान बोलकर दर्ज कराया था। रीढ़ की हड्डी भी गला दबाने के कारण ठीक से काम नहीं कर रही थी।
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