हाथरस के प्रसिद्ध स्वांग सम्राट पंडित नथाराम गौड़, रसिया परंपरा के पुरोधा खिच्चोमल आटे वाले तथा उनकी हस्तलिखित पांडुलिपियां अमूल्य धरोहर हैं। इसके अलावा दाऊजी महाराज मंदिर पुरातत्व विभाग की संरक्षित धरोहर है।
समृद्धशाली इतिहास, सांस्कृतिक-धार्मिक विरासत एवं ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के उद्देश्य से हाथरस जिले का गजेटियर बनाया जा रहा है। मंगलवार को विकास भवन स्थित सभागार में सीडीओ पीएन दीक्षित की अध्यक्षता में इसकी बैठक हुई। सीडीओ ने कहा गजेटियर का संकलन एवं प्रकाशन जुलाई तक पूरा किया जाए।
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उन्होंने कहा कि नागरिकों, संस्थाओं अथवा इतिहास प्रेमियों के पास कोई महत्वपूर्ण जानकारी, पुरानी तस्वीरें, दस्तावेज या अन्य सामग्री उपलब्ध हो तो वे प्रशासन को उपलब्ध कराएं। यह जनपद बलिदानियों, समाजसेवियों और धार्मिक विद्वानों की भूमि रही है। औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाले हाथरस ने सांस्कृतिक क्षेत्र में भी विशेष पहचान बनाई है। यहां के प्रसिद्ध स्वांग सम्राट पंडित नथाराम गौड़, रसिया परंपरा के पुरोधा खिच्चोमल आटे वाले तथा उनकी हस्तलिखित पांडुलिपियां अमूल्य धरोहर हैं। इसके अलावा दाऊजी महाराज मंदिर पुरातत्व विभाग की संरक्षित धरोहर है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार यादव, परियोजना निदेशक राजकुमार कुरील, जिला विकास अधिकारी पीएन यादव, जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक सत्येंद्र मिश्रा, उपायुक्त श्रम विभाग, गजेटियर प्रभारी राजवीर, डीपीआरओ, फैम जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, सराफा कमेटी अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, महामंत्री शैलेंद्र वैष्णेय मौजूद रहे।