आरोपी ने ट्रायल के दौरान बिना दबाव के अपना अपराध स्वीकार करते हुए भविष्य में अपराध न करने का वादा किया और गरीबी व बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का हवाला दिया, अदालत ने पाया कि आरोपी पहले ही 2 वर्ष 6 माह 23 दिन हिरासत में बिता चुका है जिसे मुख्य सजा में समायोजित कर दिया गया।
हाथरस के एडीजे चतुर्थ विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट ने सिकंदराराऊ क्षेत्र के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी संजय को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 2.5 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस ने 20 फरवरी 2024 को मुरादाबाद की आदर्श कॉलोनी, सिविल लाइन निवासी संजय के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की थी। 22 फरवरी 2024 को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा था और इसके बाद चार्जशीट दाखिल की। मामला इस साल सत्र परीक्षण में एडीजे चतुर्थ की कोर्ट में पहुंचा।
ट्रायल के दौरान अभियुक्त ने अपना गुनाह स्वीकार किया। आरोपी ने कोर्ट के सामने कहा कि उसने बिना किसी दबाव के अपनी अंतरात्मा की आवाज पर अपराध स्वीकार किया है और वह भविष्य में कभी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा। उसने अपनी गरीबी और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। इसके बाद कोर्ट ने पत्रावलियों पर मौजूद सबूत गवाहों के आधार आरोपी को दोषी करार दिया।
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अदालत ने पत्रावली का अवलोकन करते हुए पाया कि आरोपी दो वर्ष, 6 माह और 23 दिन की अवधि पहले ही न्यायिक हिरासत में पूरी कर चुका है। कोर्ट ने बीएनएसएस की धारा 468 का लाभ देते हुए अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई इस अवधि को उसकी मुख्य सजा में समायोजित करने का आदेश दिया।