हाथरस : आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार काफी लोग गंगा स्नान के लिए नहीं जा सकेंगे। आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी का कहना है कि गंगा दशहरा पर गंगा में स्नान ध्यान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा नाम स्मरण मात्र से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं। रविवार को दोपहर दो बजकर 40 मिनट तक स्नान का शुभ समय है। आचार्य चतुर्वेदी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार इस दिन मां गंगा का अवतरण पृथ्वी लोक पर हुआ था। इस दिन गंगा में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा को स्नान करना श्रेयस्कर रहता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस बार काफी श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए नहीं जा सकेंगे। ऐसे में भक्तों को गंगा दशहरा के दिन गंगाजल युक्त्त पानी से स्नान करना चाहिए। इसके बाद सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद ऊं श्री गंगे नम: का उच्चारण करते हुए मां गंगा को अर्घ्य दें। इस दिन गरीब ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को दक्षिणा देना बहुत फलदायी होगा।