हाथरस: हाथरस गेट कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में ठगी के चारों आरोपी।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने एक फर्जी कंपनी बना रखी है और फर्जी खाते भी फर्जी आईडी से खोल खुलवा रखे हैं। यह गिरोह लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता है।
स्थानीय मेंडू रोड महादेव कॉलोनी निवासी आकाश पुत्र सज्जन पाल सिंह के मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल पर सनराइज बिजनेस सॉल्यूशन कंपनी बताकर आकाश से यह कहा गया कि यह कंपनी उसकी नौकरी लगवा देगी। इसके बाद आकाश के शैक्षिक प्रमाणपत्र और दो बार में 80 हजार रुपये दो अलग-अलग खातों में जमा करा लिए गए और फिर कॉल करने वालों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए।
ठगी के शिकार आकाश ने इस सिलसिले में एसपी हाथरस को प्रार्थना पत्र दिया। इसकी जांच साइबर सैल में नियुक्त एसआई सुबोध मान को दी गई। इसमें पांच लोगों मनीष शर्मा, अमित, अभिषेक शर्मा एडवोकेट, अंकित शर्मा, देवराज के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया और विवेचना की। कोतवाली निरीक्षक हाथरस गेट मनोज शर्मा ने बताया कि विवेचना में यह बात सामने आई कि अभिषेक का असली नाम जावेद पुत्र आजाद निवासी सलाहपुर थाना रोहटा जिला मेरठ है। उसने अभिषेक के नाम से फर्जी आईडी बना रखी है।
दूसरा अभियुक्त शाहरुख पुत्र नौशाद निवासी सलाहपुर थाना रोहटा मेरठ ने अपनी आईडी विराट उर्फ रवि चौहान के नाम से बना रखी है। तीसरे अभियुक्त जाहिद पुत्र यूसुफ निवासी मंजूर नगर जैदी फॉर्म हाउस के पास थाना नौचंदी जनपद मेरठ ने अपनी आईडी ने सौरभ के नाम से बनाई हुई है। चौथे गिरफ्तार अभियुक्त देवराज पुत्र चरन सिंह निवासी दीपक विहार कॉलोनी थाना खोंड़ा जिला गाजियाबाद ने इन सभी को फर्जी आईडी व सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। इन सभी ने यह फर्जी कंपनी बना रखी है और नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करते हैं। शनिवार को भी यह नौकरी के नाम पर तय रुपयों में से 40 हजार रुपये लेने आए थे। पुलिस ने इन चारों के पास से छह मोबाइल फोन, पांच नई सिम, फर्जी आधार कार्ड ओर फर्जी पासबुक बरामद की हैं।