न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दलित संकल्प यात्रा निकालने जा रहे कांग्रेसियों की बृहस्पतिवार को पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं को कैंप कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया। बाद में तहसीलदार सदर पहुंचे और कांग्रेसियों ने उन्हें ही अपना ज्ञापन सौंप दिया।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस की तमना की गढ़ी स्थित आंबेडकर पार्क से दलित संकल्प यात्रा निकलनी थी। इसमें कई पदाधिकारियों को भी शामिल होना था। इसकी जानकारी जब पुलिस को हुई तो सुबह से ही पुलिस व पीएसी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के निवास आगरा रोड स्थित राधाकृष्ण कृपा भवन पर आकर पहुंच गई। कांग्रेस का कैंप कार्यालय भी यहीं हैं। कुछ कांग्रेसी भी यहां आ गए। इस दौरान जब कांग्रेसियों ने वहां से निकलने का प्रयास किया तो पुलिस ने इन्हें रोक दिया।
इस दौरान तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। कृपा भवन के गेट पर ही कांग्रेसी बैठ गए और सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। जिलाध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यह उनका शांतिपूर्वक कार्यक्रम हैं लेकिन फिर भी इसका आयोजन नहीं होने दिया जा रहा। बाद में वहां तहसीलदार सदर पहुंच गए और कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर दलित कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन सिंह, कैलाश बाबू बाल्मीकि प्रदेश सचिव, भरत लाल, वीर सिंह बंजारा, पीसीसी राधेश्याम अग्निहोत्री, देवेंद्र शर्मा, पूपू बौहरे, कपिल नरूला, रचित शर्मा, विष्णु कुमार, नाहर सिंह कठेरिया, आदित्य शर्मा, अमन कठेरिया, मोहन सिंह, राहुल वाल्मीकि, ललित वाल्मीकि, करण कठेरिया, विवेक कठेरिया, विनोद कुमार, ललित चौहान, कुलबीर सिंह, प्रेमपाल सिंह, पन्नालाल संजय कप्तान आदि थे।