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हाथरस: हिंदू-मुस्लिम एकता भाईचारे का प्रतीक है मेला श्रीदाऊजी महाराज

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हाथरस: मंदिर श्रीदाऊजी पर दागे गए तोप के गोलों के निशान। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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ऐतिहासिक किला क्षेत्र में लगने वाला मेला श्रीदाऊजी महाराज हिंदू-मुस्लिम एकता व सद्भावना का प्रतीक रहा है। मेले की शुरुआत वर्ष 1912 तहसीलदार श्याम लाल ने की थी। इस बार कोरोना काल के चलते मेला श्रीदाऊजी महाराज का आयोजन नहीं होगा। हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना होगी।
मंदिर श्रीदाऊजी महाराज का निर्माण राजा दयाराम ने कराया था। यह मेला वर्ष 1912 में तत्कालीन तहसीलदार श्यामलाल ने शुरू कराया था। उन्हें सपना आया था कि वह श्रीदाऊजी महाराज की पूजा-अर्चना के साथ किला परिसर में मेले का आयोजन करें। ऐसा करने से उनका बेटा स्वस्थ हो जाएगा। तभी से यहां प्रतिवर्ष मेले का आयोजन हो रहा है। अब यह मेला दाऊजी महोत्सव के रूप में तब्दील हो गया है। यह मेला लगभग 20 दिन चलता है।
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ध्वज फहराने के साथ मजार पर होती है चादरपोशी
मेला श्रीदाऊजी महाराज को लक्खी मेला के नाम से जाना जाता है। दाऊजी मंदिर पर धर्म पताका फहराने के साथ काले खां की मजार पर चादर भी चढ़ाई जाती है। यहां तक मंदिर के साथ मजार पर भी रंगाई-पुताई और सफाई भी होती है। दाऊजी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मजार पर चादर चढ़ाने के बाद देवछठ मेले का विधिवत शुभारंभ होता है। मेला परिसर में एक छोर पर दाऊजी महाराज का मंदिर है। दूसरी ओर काले खां की मजार है। सभी धर्मों के लोग मंदिर में दर्शन करते हैं और मजार पर मत्था भी टेकते हैं।
मंदिर की गुंबद में आज भी हैं तोप के गोलों के निशां
लोगों की मानें तो अंग्रेजों ने श्री दाऊजी महाराज मंदिर पर वर्ष 1817 में तोप के गोले दागे थे, लेकिन इस मंदिर का कुछ नहीं बिगाड़ सके। मंदिर की गुंबद में आज भी अंग्रेजी फौज द्वारा दागे गए तोप के गोलों के निशान मौजूद हैं। मंदिर में एक गोला सुरक्षित रखा हुआ है। तीन गोले मंदिर की गुंबद में फंसे हुए हैं।
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सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आज होगी पूजा-अर्चना
कोरोना काल के चलते इस बार हालांकि मेले का आयोजन नहीं हो रहा है। बल्देव छठ के मौके पर किला परिसर स्थित मंदिर दाऊजी महाराज में सुबह दाऊबाबा और रेवती मैया का पंचामृत से अभिषेक होगा। उसके बाद भव्य शृंगार किए जाएंगे। शाम को भव्य फूलबंगला के साथ महाआरती होगी। यह जानकारी मंदिर सेवायत पुजारी संजीव चतुर्वेदी ने दी है।

हाथरस: मंदिर श्रीदाऊजी महाराज में रखा तोप का गोला।- फोटो : HATHRAS

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