गौरव भारद्वाज
हाथरस। शहर में ई रिक्शा संचालन करने वाले चालकों को अब पूरी तरह नियमों का पालन करना होगा। चालकों को एआरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस लेना होगा। साथ ही जिला चिकित्सालय से फिटनेस प्रमाण पत्र लेना होगा। 18 से साठ साल की उम्र के चालक ही ई रिक्शा चला पाएंगे।
पालिका रजिस्ट्रेशन के साथ संचालन का मार्ग भी तय करेगी। यदि किसी चालक के साथ संचालन के दौरान कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसे एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा। शासन से गजट होने के बाद पालिका के अधिकारी राजस्व बढ़ाने की कवायद में जुट गए हैं। अब तक करीब ढाई सौ ई रिक्शों का पंजीकरण पालिका में हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र के साथ साथ प्रदेश सरकार भी पेट्रोल डीजल के प्रदूषण को कम करने के लिए बैटरी से चलने वाले ई रिक्शों को मुख्य धारा लाने की कोशिश में जुट गई है। इसलिए कई साल बाद ई रिक्शों को नियमों से चलाने के लिए शासन स्तर से गजट भी हुआ है।
तीस जुलाई तक होंगे पालिका में पंजीकरण
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार शहर में करीब दो हजार ई-रिक्शा विभिन्न मार्गों पर संचालित होते हैं। पालिका कर्मियों ने इसका सर्वे कर पंजीकरण के लिए खाका तैयार कर लिया है। पालिका के वाहन विभाग में तीस जुलाई तक पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के दौरान यह भी देखा जाएगा कि ई रिक्शा की स्थिति सही है या नहीं। एआरटीओ से ड्राइविंग लाइसेंस लेना होगा। जिला चिकित्सालय से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, फोटो, पैनकार्ड आदि कागजात पालिका के कार्यालय में जमा करने होंगे। अधिकारियों की मानें तो लॉकडाउन के चलते पंजीकरण तिथि भी बढ़ सकती है।
शहर वासियों को जाम से मिलेगी राहत
पालिका के वाहन विभाग के कर्मियों द्वारा ई रिक्शा से संबधित पत्रावलियों को पालिका ईओ डॉ विवेकानंद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पालिका ईओ द्वारा पंजीकण के बाद इन ईरिक्शों के संचालन का मार्ग तय किया जाएगा। उसी मार्ग पर ईरिक्शा का संचालन होगा। ताकि हर व्यक्ति को सुविधा का लाभ मिल सके। जो नियम विरुद्ध चलेगा उन पर कार्रवाई होगी।
इस तरह बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस
ई-रिक्शा चालक किसी जन सुविधा केंद्र पर जाकर लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन स्लॉट लें। जिस तिथि का स्लॉट होगा। उसी तिथि में एआरटीओ कार्यालय में पहुंचकर लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। पहले चरण में लर्निंग लाइसेंस बनेगा। उसकी समय अविधि पूरी होने के बाद फिर लाइट का लाइसेंस बनेगा। इसी तरह जिला चिकित्सालय से ऑनलाइन फिटनेस का प्रमाण पत्र लेना होगा।
पालिका के राजस्व में होगी बढ़ोत्तरी
पालिका के वाहन विभाग में वैसे भी काफी समय से काम की कमी चल रही थी। क्योंकि बदलते परिवेश में पुराने रिक्शों को छोड़कर अब अधिकांश रिक्शे वालों ने ईरिक्शा ले लिये हैं। काफी समय से चालक अपनी मर्जी संचालन कर रहे थे। अब पालिका इनको पालिका नियमों से संचालित कराएगी। साल दर साल इनका नवीनीकरण आदि होगा। इससे पालिका का राजस्व भी बढ़ेगा।
दुर्घटनाओं में आएगी कमी
पालिका प्रशासन द्वारा अब ई-रिक्शा संचालन की आयु अवधि तय कर दी है। इससे ई- रिक्शा से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी काफी हद तक विराम लगेगा। साथ ही जर्जर हालत में चलने वाले ईरिक्शों का संचालन पूरी तरह बंद होगा। इससे सफर के दौरान शहरवासी भी सुरक्षित होंगे।
- तीस जुलाई तक वाहन विभाग में ई रिक्शा चालक पंजीकरण करा सकते हैं। अब तक करीब ढाई सौ ई- रिक्शा का पंजीकरण हो गया है। ईओ के द्वारा ई रिक्शा संचालन का मार्ग तय किया जाएगा। फोटो, पैनकार्ड, बैंक की पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र आदि कागजात जमा करने होंगे। 18 से साठ साल के चालक ही ई-रिक्शा चला पाएंगे। एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी है।
- राजीव शुक्ला राजस्व निरीक्षक पालिका हाथरस।