न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन के चलते के चलते बंद रहीं लाइसेंस सेवाएं अब आठ जून से पटरी पर लौटेंगी। एनआईसी ने परिवहन विभाग केके सुझाव पर सारथी सॉफ्टवेयर में कई बदलाव किए हैं। इसका ट्रायल भी हो चुका है, जो कि पूरी तरह सफल रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस शुरू होने से पहले आवेदकों को स्लॉट बदलने की एसएमएस से सूचना भेजी जाएगी। उसी तिथि में आवेदक को एआरटीओ कार्यालय में आना होगा। साथ ही तीन पालियो में कार्यालय में काम होगा, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान एआरटीओ कार्यालय बंद रहा। हालांकि इस दौरान बीएस-4 वाहनों के पंजीयन के लिए कार्यालय को खोला गया, लेकिन लाइसेंस संबंधी कोई काम नहीं हुआ। इस कारण आवेदकों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ा। बीते दिनों परिवहन विभाग ने लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को शुरू करने के बारे में सोचा था, लेकिन एनआईसी द्वारा सॉफ्टवेयर में बदलाव ना करने के कारण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। अब एनआईसी ने जरूरत के हिसाब से सॉफ्टवेयर में बदलाव कर दिया है, जिसका ट्रायल हुआ है, वह सफल भी रहा है। आठ जून से कार्यालय में लाइसेंस बनने की शुरुआत होगी।
लर्निंग लाइसेंस वालों के काम पहले होंगे
पहले चरण में सिर्फ लर्निंग लाइसेंस धारकों के बुक स्लॉट में बदलाव किया जाएगा। कार्यालय में भीड़ नहीं हो, इसके लिए केवल 33 फीसदी आवेदकों को मौका दिया जाएगा, जिनके लाइसेंस वैध हैं, उन्हें दूसरे चरण में रि शेड्यूल दिया जाएगा। वैधता खत्म होने के क्रम में ही उन्हें बुलाया जाएगा। नए लाइसेंस बनने की प्रक्रिया तीन से चार महीने तक बनने की उम्मीद नहीं है।
एनआईसी ने सॉफ्टवेयर में जो बदलाव करने हैं, वो कर दिए हैं। उसका ट्रायल भी हुआ है, जो सफल रहा है। अब आठ जून से लाइसेंस बनने की प्रक्रिया शुरू होगी। लाइसेंस बनाने का काम तीन पालियों में होगा, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके । आवेदकों को स्लॉट बदलने की सूचना एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।
-नीतू सिंह एआरटीओ प्रशासन