संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शासन की ओर से निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर एक-एक अस्थायी गोशाला के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे लेकर डीएम ने सभी ग्राम प्रधानों को पत्र भी भेजा है।
डीएम ने कहा कि यदि जिले की समस्त न्याय पंचायतों में ‘निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए एक-एक गो सेवा आहार बैंक की स्थापना करते हुए जनसहयोग एवं गो प्रेमी दानदाताओं के माध्यम से इसका संचालन कराया जाए और भूसा एवं चारा आदि का संग्रहण करा लिया जाए तो आने वाले वर्ष में संरक्षित गोवंश के लिए आहार से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी।
साथ ही जिला स्तर पर दानदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। डीएम ने सभी दानदाताओं से गोसेवा आहार बैंक में दान देने की अपील की है। पत्र में डीएम ने प्रधानों से कहा है कि प्रधान के पद पर उनका करीब एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। प्रदेश सरकार की ओर से ‘निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश संरक्षण’ योजना के तहत न्याय पंचायत स्तर पर एक-एक अस्थायी गो आश्रय स्थल का संचालन किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
इसके सापेक्ष वर्तमान में न्याय पंचायत स्तर पर 28 अस्थायी गो आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है। निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश संरक्षण योजना में कुछ प्रधान ग्राम पंचायत द्वारा जनसहयोग एवं गो प्रेमियों के माध्यम से अस्थायी गो आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए हरे चारे, भूसा, खल, चुनी एवं पौष्टिक पशु आहार आदि दान में देते हुए गोवंश के लिए उत्कृष्ट एवं बेहतर सुविधाएं देने की पहल की जा रही है। विगत वर्षों में प्राय: यह देखने में आया है कि वर्षा ऋतु के समय अधिक बारिश के कारण गोवंश के लिए चारे आदि के लिए अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।