न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सहपऊ के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के खिलाफ भवन निर्माण और सीसीएल आदि में धन की वसूली करने के आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी (डीएम) ने कमेटी गठित की है। इस मामले में डीएम के अलावा मुख्यमंत्री से भी शिकायत की गई थी।
उल्लेखनीय है कि सहपऊ ब्लॉक के तत्कालीन बीईओ विद्यानंद देपुरिया पर नियम विरुद्ध कार्य किए जाने के आरोप लगाते हुए 11 बिंदुओं की शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), डीएम और मुख्यमंत्री से की गई थी। इस संबंध में संघ के जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह की अध्यक्षता में जनपदीय कार्यकारिणी ने बीएसए से मुलाकात कर शिकायती पत्र दिया था।
इसमें अवैध संबद्धीकरण, अनगिनत कथित नोटिस देकर शिक्षकों का उत्पीड़न करने, नोटिसों की प्रति उच्चाधिकारियों को प्रेषित न करने, निरीक्षण में बंद मिले विद्यालयों में अनुपस्थित अध्यापकों पर दबाव बनाने, अपने पद का दुरुपयोग सरकारी अभिलेख (डिस्पेच रजिस्टर) में पिछली तारीख के आदेश जारी करने, नवीन भवन निर्माण में भवन प्रभारियों पर दबाव बनाकर डेढ़ से दो लाख रुपये कमीशन वसूल करने, शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश निरस्त कर उसी दिन विद्यालयों का निरीक्षण कर उनको अनुपस्थित दर्शाने, तीन वर्ष पूर्व नियुक्त अध्यापकों की कार्यभार ग्रहण आख्या उपलब्ध न कराने, बीआरसी पर सामान क्रय व ऑपरेशन कायाकल्प में गोलमाल करने, अपने एजेंटों द्वारा वसूली कराने, शासनादेश के विपरीत मुख्यालय पर निवास न करने और आय से अधिक संपत्ति एकत्रित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।