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हाथरस: स्वास्थ्य विभाग की टीमों के समय से परीक्षण करने के लिए नहीं पहुंचने पर डीएम नाराज

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत एवं शेल्टर होम में क्वारंटीन किए गए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण आदि के संबंध में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों व एमओआईसी के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सही तरीके से न होने पर नाराजगी जताई।
बैठक में डीएम ने कहा कि बाहर से आ रहे व्यक्तियों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण एवं क्वारंटीन कराना आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किस व्यक्ति को क्वारंटीन किया जाना है और किस व्यक्ति को क्वारेंटाइन की आवश्यकता नहीं है, उसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस के माध्यम से लाए जा रहे व्यक्तियों की सूचना अवश्य लें कि किस व्यक्ति को किस कारण से शेल्टर होम में लाया गया है। उसकी सूचना संबंधित उपजिलाधिकारी को देना सुनिश्चित करें।
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डीएम ने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात यदि रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उस व्यक्ति को होम क्वारंटीन करते हुए घर के बाहर नोटिस बोर्ड चस्पा किया जाए। दूसरे जनपदों अथवा राज्यों से आ रहे व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, वृद्ध महिलाओं तथा जिन महिलाओं के साथ छोटे बच्चे हैं उनको मेडिकल क्वारंटीन, होम क्वारंटीन या ऐसे स्थान पर क्वारंटीन करें जहां पर पहले से महिलाओं को रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी महिला को ऐसे स्थान पर न रखा जाए जहां पर केवल पुरुषों को क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने सभी को निर्देश दिए कि महिलाओं को जहां पर भी रखें, उसकी सूचना संबंधित उप जिला अधिकारी को अवश्य दें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई टीमों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण समय से न करने एवं निर्धारित स्थान पर समय पर न पहुंचने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। साथ ही कितने व्यक्ति कहां पर क्वारंटीन किए गए हैं, व्यक्ति कहां से और कब आया है, इसकी सूचना पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य परीक्षण करने पर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो व्यक्ति के संबंध में संपूर्ण जानकारी दर्ज करते हुए उसे डिस्चार्ज कर सकते हैं। इस अवसर पर जनपद के नोडल अधिकारी लखनऊ डॉ अनूप कुमार शुक्ला, सीडीओ आरबी भास्कर, सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर, एसीएमओ डॉ डीके अग्रवाल, डॉ. संतोष कुमार आदि अधिकारी मौजूद थे।
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