न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
इस बार पंचायत चुनाव का माहौल बदला हुआ नजर आ रहा है। चुनावी चौपालों पर चर्चा प्रत्याशियों की अच्छाई-बुराई की बजाय उनकी तरफ से मिलने वाले प्रलोभन को लेकर हो रही है। चर्चाओं में यह देखा जा रहा है कि किस प्रत्याशी के यहां कैसी शराब और खाना-पीना मिल रहा है। जिसकी दावत जितनी शानदार है, उसके यहां भीड़ भी उतनी ज्यादा है।
कुल मिलाकर इस चुनाव में प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि से ज्यादा उनकी तरफ से मिलने वाले प्रलोभन का बोलबाला है। शान-ओ-शौकत दिखाने की भी प्रत्याशियों में होड़ लगी है। प्रचार में गाड़ियों के लंबे काफिले के अलावा डीजे की धमाकेदार धुनों के साथ समर्थकों का मनोरंजन करने और लोगों का ध्यान खींचने का भी इंतजाम किया गया है। प्रत्याशियों का प्रचार करने का अंदाज भी इस बार बदला हुआ है। पहले प्रत्याशी पांवों में गिर जाता था, लेकिन अब केवल हाथ जोड़कर मुस्करा कर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
रात होते ही शराब की दावत के साथ प्रत्याशियों के महिमा मंडन का दौर शुरू हो जाता है। पहले दावतों में पूड़ी-सब्जी का चलन था, लेकिन अब मटर-पनीर, मलाई कोफ्ता और मटन की दावतें चल रही हैं। शाम होते ही समर्थकों तक यह सूचना पहुंच जाती है कि आज फलां प्रत्याशी के यहां अच्छे ब्रांड की शराब और वीआईपी खाने की दावत है तो उनके यहां भीड़ लग जाती है। अभी चूंकि किसान गेहूं की फसल की कटाई में व्यस्त हैं, लेकिन प्रत्याशी और उनके समर्थक खेतों पर भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहे। खेतों पर पहुंचकर ही उनसे अपने पक्ष में मतदान करने का वादा लिया जा रहा है।