तीन माह पहले भेजे गए थे प्रस्ताव
योजना की घोषणा के बाद नगर पालिका प्रशासन ने शहर के चहुंमुखी विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की थी। इसके तहत जुलाई 2026 में कुल 17.10 करोड़ रुपये के विकास के प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजे गए थे। हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी इन प्रस्तावों पर कोई अंतिम मुहर नहीं लग सकी है, जिससे शहरवासियों में मायूसी है।
इन विकास कार्यों पर लगा है ब्रेक
- डिजिटल लाइब्रेरी : युवाओं और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक पठन-पाठन की सुविधा।
- ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन : प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण।
- थीम पार्क : शहरवासियों के मनोरंजन और हरियाली के लिए पार्क का विकास।
- एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर : हाथरस में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए छह करोड़ से जलेसर रोड पर सेंटर का निर्माण।
- गौरव पथ : मधुगढ़ी और मुरसान गेट मार्ग का सुंदरीकरण करते हुए इसे गौरव पथ में तब्दील किया जाएगा।
- चौराहों का कायाकल्प : शहर के प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण और आधुनिकीकरण।
- नागरिक सेवाएं : ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ और सशक्त बनाना।