न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को चारों अभियुक्तों की कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय के समक्ष पेशी हुई। बिटिया का भाई भी पैरवी के लिए सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच कोर्ट में आया। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा भी बिटिया पक्ष की ओर से कोर्ट में आई। अभियुक्तों की ओर से बचाव साक्ष्य बृहस्पतिवार को प्रस्तुत नहीं किया गया। अब कोर्ट ने इस मुकदमे में बहस के लिए एक दिसंबर की तिथि नियत की है।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ उसके ही गांव के कुछ युवकों ने दुष्कर्म किया था और उसकी हत्या का प्रयास किया था। इस युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इस मामले में चार नामजदों संदीप, रवि, रामू व लवकुश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस युवती की मौत से पहले ही इन चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। मुकदमे की विवेचना सीबीआई ने की थी और चारों आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था।
घटना के बाद से ही चारों आरोपी अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में चल रही है। बृहस्पतिवार को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को अलीगढ़ जेल से हाथरस कोर्ट लेकर आई। यहां बिटिया का भाई भी पैरवी के लिए कोर्ट आया। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिटिया के परिजन सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहे हैं। ऐसे में बिटिया का भाई सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच कोर्ट में आया।
बिटिया पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा भी कोर्ट में मौजूद रहीं। अभियोजन पक्ष की ओर गवाही पूरी हो चुकी है। सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अभियुक्तों को बयान हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को अभियुक्तों पक्ष की ओर से बचाव साक्ष्य (डिफेंस एवीडेंस) प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन बृहस्पतिवार को अभियुक्तों की ओर से कोर्ट में बचाव साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
अब इस मामले में बहस के लिए न्यायालय ने एक दिसंबर की तिथि नियत की है। बिटिया पक्ष की ओर से कोर्ट में महीपाल सिंह निमहोत्रा, सीबीआई की ओर से अनुराग मोदी व अभियुक्तों की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर एडवोकेट मौजूद थे। कोर्ट में कड़ी सुरक्षा रही। संवाद