एक तरफ हाथरस में बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है तो दूसरी तरफ ऊर्जामंत्री के गृह जनपद से बिजली की डिमांड बढ़ती ही जा रही है। मथुरा के गोकुल पारेषण केंद्र द्वारा बुधवार को 265 एंपियर लोड मांगे जाने पर हाथरस के कई इलाकों की बिजली को गुल कर दिया और गोकुल पारेषण केंद्र को डिमांड के अनुसार लोड दे दिया गया। इससे भीषण गर्मी में लोग बिजली के लिए तरसते रहे।
आगरा में क्षमतावृद्धि कर 500 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने का काम किया जा रहा है। इस वजह से आगरा पीलीपोखर सबस्टेशन से हाथरस को 700 एंपियर लोड के सापेक्ष सिर्फ 400 एंपियर लोड ही मिल पा रहा है, लेकिन इस 400 एंपियर लोड में भी गोकुल पारेषण केंद्र ने अपनी सेंध लगा ली है। अब तक गोकुल पारेषण केंद्र बिजली आपूर्ति को सुचारु रखे जाने के लिए हाथरस से 150 से 200 एंपियर लोड ही हाथरस से मांग रहा था, लेकिन बुधवार को यह डिमांड और बढ़ गई। बुधवार को गोकुल पारेषण केंद्र ने हाथरस मीतई 220 केवी बिजलीघर से 265 एंपियर लोड लिया।
इस वजह से हाथरस के पास सिर्फ 135 एंपियर लोड बचा। इतने कम लोड में जिलेभर की सप्लाई को सुचारु रख पाना नामुमकिन था। इसलिए शाम चार बजते ही जिलेभर में बिजली संकट गहरा गया। मीतई बिजलीघर से जुडे़ 132 केवी बिजलीघर इगलास के अलावा गिजरौली, वाटरवर्क्स, कोटा, चंदपा, अल्लैहपुर, लाखनू आदि के बिजलीघरों की आपूर्ति को ठप कर दिया गया।
इसके अलावा शाम चार बजे से पहले भी दिनभर जिले में बिजली के लिए हायतोबा मची रही। कभी एक घंटे की शिफ्ट में तो कभी आधे घंटे की शिफ्ट मेें बिजलीघरों को सुचारु रखा गया। बिजली कटौती की वजह से लोग बेहद परेशान रहे।