न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन के दौरान जिले में संचालित करीब 450 सीएससी सेंटरों के संचालकों ने डिजिटल कोरोना योद्घा बनकर शासन की करीब एक दर्जन योजनाओं को अमलीजामा पहनाया है। सरकार की ओर से लोगों को मिलने वाली आर्थिक मदद को डिजीपे सहित अन्य माध्यमों से आसानी से जरूरतमंदों तक पहुंचाई है। यहां तक कि बुजुर्गों और असहाय लोगों को पैसे की जरूरत पड़ने सीएससी संचालकों ने घर-घर जाकर उनका पैसा निकाला है। अब शासन स्तर से आने वाले अन्य योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
शासन स्तर से संचालित उज्ज्वला योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, जनधन खाते खोलना, टेली मेडिसिन आदि कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेकर लोगों तक योजनाओं को पहुंचाने का काम सीएससी वीएलई द्वारा किया गया है। सीएससी वीएलई द्वारा जरूरतमंदों को मास्क भी वितरित किए गए। सीएससी ग्रामीण ई स्टोर से लॉकडाउन के दौरान होम डिलीवरी भी की।
शासन स्तर से संचालित इन योजनाओं की मॉनीटरिंग सीधे केंद्र सरकार द्वारा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्षेत्र में काम कर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने का काम किया है। अब आत्म निर्भर भारत योजना के तहत गांव में बेरोजगार लोगों के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर शुरू किए गए हैं। इन बेरोजगारों को उनकी शिक्षा के आधार पर डाटा फीड कर शासन को भेजा जा रहा है।
कोरोना में लॉकडाउन के समय जिले के सभी वीएलई ने डिजिटल योद्धा का काम किया है। अब आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत होने वाले कामों में भी सीएससी के वीएलई आगे हैं। सभी योजनाओं को मूूर्त रूप देने की कोशिश की जा रही है।
-प्रदीप कुमार, सीएससी प्रबंधक