हाथरस। जिले के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) डिजिटल इंडिया की राह पर तेज गति से चलने लगे हैं। 430 सीएससी संचालकों ने 19 दिन में एक करोड़ 33 लाख रुपये का बिजली महकमे का राजस्व जमा किया है। जिले में 65 प्रतिशत सीएससी सक्रिय होने पर बिजली निगम के चेयरमैन ने भी सराहना की है।
इन सीएससी संचालकों ने बिजली बिल जमा करने के साथ एक लाख से अधिक की खुद की आमदनी भी अर्जित की है।
उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में करीब 600 सीएससी हैं। इनमें 430 सीएससी सक्रिय है। पिछले महीने इन सीएससी संचालकों ने एक करोड़ 80 लाख रुपये के बिजली बिल के जमा किए थे।
इस माह जून की शुरुआत से अब तक इन्होंने छह हजार सात सौ उपभोक्ताओं के बिल जमा किए, जिससे बिजली महकमे को एक करोड़ 33 लाख रुपये का राजस्व मिला है। इसके साथ जिला यूपीपीएल में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। शनिवार को निगम के चेयरमैन ने राजस्व की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 65 प्रतिशत सीएससी सक्रिय होने पर कार्य की सराहना की।
एक बिल पर सीएससी वाले को मिले 16 रुपये
भारत सरकार ने सीएससी की शुरुआत इसलिए की, ताकि लोग ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ ले सकें। एक बिजली बिल जमा करने पर सीएससी संचालक को 16 रुपये की राशि विभाग द्वारा दी जाती है। चार रुपये सरकार के खाते में चले जाते हैं। कुल मिलाकर एक बिजली बिल पर सीएससी को बीस रुपये की राशि मिलती है। इन सीएससी संचालकों ने छह हजार सात सौ बिजली के बिल जमा कर एक लाख सात हजार दो सौ रुपये की खुद की आय भी की है।
हमारे में जिले में 65 प्रतिशत सीएससी सक्रिय हैं, जिसकी निगम के चेयरमैन ने सराहना की है। 19 दिन में सीएससी संचालकों ने छह हजार सात सौ उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा किए हैं, जिससे निगम को एक करोड़ 33 लाख रुपये का राजस्व मिला है।
-हरीमोहन, अधीक्षण अभियंता