व्हाट्सएप के माध्यम से रविवार को शहर में एक महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की अफवाह फैलाई गई। इससे स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन तक में हड़कंप मच गया। जांच-पड़ताल की गई तो सच्चाई सामने आई। नोडल अधिकारी ने कोतवाली हाथरस गेट में दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। नोडल अधिकारी ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
ऑल मेडिकल स्टाफ हाथरस और हाथरस प्लांटेशन नाम के दो व्हाट्सएप ग्रुप हैं। रविवार को इन दोनों ग्रुपों में दो अलग-अलग व्यक्तियों ने एक मैसेज डाला। इस संदेश में लिखा था कि हाथरस में कोरोना का पहला केस सामने आया है।
कोरोना से पीड़ित महिला गोशाला क्षेत्र की है। इससे स्वास्थ्य विभाग से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। व्हाट्सएप संदेश की जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि मैसेज में जिस महिला को कोरोना पीड़ित बताया है, वह दिल्ली से पिछले दिनों अपने घर आई है।
इसके चलते उसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम क्वारंटीन किया गया। इसी को ऑल इंडिया मेडिकल स्टाफ हाथरस वाले ग्रुप में नवीन नाम के व्यक्ति ने उक्त महिला को कोरोना मरीज बता दिया। इसी प्रकार का मैसेज हाथरस प्लांटेशन ग्रुप में विपिन भारद्वाज ने किया है।
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल ने नवीन व विपिन भारद्वाज के खिलाफ सोशल मीडिया से भ्रामक खबरें फैलाने के लिए कोतवाली हाथरस गेट में तहरीर दी है, जिसमें महामारी अधिनियम 1897 (अधिनियम संख्या-3 सन् 1897) की धारा 2 महामारी कोविड-19 विनियमावली 2020 एवं संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।