न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल की तरह यदि बोरों की आवक जल्द ही सुचारु नहीं हुई हुई तो इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद में मुश्किल हो सकती है। जिले के 53 क्रय केंद्रों पर करीब छह लाख बोरों की आवश्यकता है। बोरों की कमी को दूर करने के लिए गुजरात से बोरे मंगाने की कोशिशें तेज हो गई है। जिले में अब तक दो लाख तीस हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि हर साल अप्रैल से गेहूं खरीद की शुरुआत होती है। पिछले साल भी कोरोना के चलते बोरों की समस्या आई थी। अब तक साढ़े पांच हजार किसानों ने दो लाख 30 हजार क्विंटल गेहूं बेचा है। अभी करीब तीन लाख क्विंटल गेहूं की खरीद और होगी। इसके लिए करीब छह लाख बोरों की आवश्यकता होगी। वैसे क्रय केंद्रों पर गेहूं को भरने के लिए बोरे कोलकाता से आते थे।
अब कोरोना संक्रमण के चलते वहां से बोरे नहीं आ पा रहे हैं। ज्यादातर क्रय केंद्रों पर बोरों की कुछ ही गांठ बची हैं। बोरों की कमी न हो, इसके लिए अधिकारी गुजरात से बोरे मंगाने की कोशिश में जुट गए हैं, ताकि गेहूं खरीद निरंतर जारी रहे। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि अभी तीन लाख क्विंटल गेहूं की खरीद के लिए छह लाख बोरों की आवश्यकता पड़ेगी। जिले में अब तक दो लाख 30 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।