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हाथरस : ऐनवक्त पर हुई भितरघात, कम हो गई सीमा के वोटरों की संख्या

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में आखिरकार क्रॉस वोटिंग हो ही गई। नामांकन और चुनाव के दिन भाजपा के खेमे के पास 15 सदस्य आए थे, लेकिन भाजपा प्रत्याशी को 13 वोट मिले। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि इस चुनाव में भितरघात की गई है। सूत्रों की मानें तो यह खेमा अब भीतरघातियों की पहचान में जुटा है। भाजपा नेता भी भी अब इस पर काम कर रहे हैं। गनीमत यह रही कि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को क्रॉस वोटिंग की आशंका थी। ऐसे में उन्होंने अपना गणित पहले से ही फिट कर रखा था, वरना परिणाम विपरीत हो सकता था।
हाथरस में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का यह चुनाव भाजपा के साथ-साथ प्रदेश के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था। रामवीर उपाध्याय ने इसे लेकर काफी समय पहले से सियासी ताना-बाना बुना था। सदस्यों से संपर्क भी किया था। उनका खुद का कहना था कि उनके आगरा के निवास पर 14 से 15 सदस्य मौजूद भी हैं। उन्होंने अपनी ताकत का अहसास नामांकन के दिन कराया भी था, जब सीमा उपाध्याय के नामांकन के समय सीमा के साथ 14 अन्य सदस्य भी आए थे।
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सुबह रामवीर उपाध्याय कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे। वहां भाजपा के जिला प्रभारी राजा वर्मा और अन्य भाजपाई टूरिस्ट बस लेकर आए थे। इस बस में सीमा उपाध्याय सहित 15 सदस्य थे। इस बस को अंदर पहुंचवाकर रामवीर उपाध्याय वहां से चले गए थे। रामवीर खेमा यह मानकर चल रहा था कि 15 सदस्य तो उसके पास हैं ही। साथ ही उनके संपर्क में कुछ और सदस्य भी थे तो वह दावा कर रहे थे कि 18 सदस्य तो उन्हें वोट देंगे ही।
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इतना ही नहीं भाजपा से निर्वाचित दो सदस्यों को मनाने के लिए भी उन्होंने काफी जोर लगाया था और उन्होंने भी पार्टी नेताओं के आश्वासन दिया था कि अब भाजपा ने सीमा उपाध्याय को प्रत्याशी बना दिया है तो वह वोट उन्हें ही देंगे। ऐन वक्त पर जब वोट पड़े तो सीमा के समर्थन में 13 वोट आए। इससे स्पष्ट हो गया कि दो वोटरों ने क्रॉस वोटिंग की है। वह तो गनीमत थी कि रामवीर उपाध्याय इसे लेकर आशंकित थे कि क्रॉस वोटिंग हो सकती है। ऐसे में उन्होंने ज्यादा सदस्यों से संपर्क कर रखा था और यह रणनीति काम भी आई, वरना परिणाम कुछ और होता।
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