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हाथरस: गीले कचरे से बनेगी खाद, सूखे कचरे से होगी आय

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हाथरस: सादाबाद नगर पंचायत की कंपोस्ट यूनिट में लगी कंपोस्ट मशीन। - फोटो : SADABAD
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अशोक वार्ष्णेय
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सादाबाद। कूड़ा निस्तारण के लिए नई कवायद शुरू हो गई है। कूड़े को अलग अलग करने को नगर में कंपोस्ट यूनिट बनाई गई है। इस यूनिट पर मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी(एमआरएफ) बनाए गए हैं। गीले कचरे से खाद तैयार होगी, जबकि सूखा कूड़ा आमदनी का जरिया बनेगा।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता नगर पंचायतों को कूड़ा निस्तारण के साथ स्वच्छ बनाने पर है। इसके लिए लगातार नए प्रयोग को अमल में लाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन में सरकार का जोर कूड़े को अलग अलग करने पर है। मिशन के तहत सादाबाद नगर पंचायत ने तहसील रोड पर कंपोस्ट यूनिट लगाई गई है, जहां एमआरएफ प्वाइंट बनाया गया है। यहां सूखे गीले कूड़े को बीनकर अलग अलग किया जाएगा। गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाया जाएगा, जबकि सूखे कूड़े को बेचकर आमदनी की जाएगी।
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ईओ लल्लनराम यादव ने बताया कि शासन के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का पालन किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह यूनिट लगाई गई है। गीले सूखे कूड़े का निस्तारण अब आसानी से हो सकेगा।
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डोर-टू-डोर होगा कूड़ा संग्रह, 10 रिक्शों की हुई शुरुआत
सादाबाद। नगर पंचायत ने सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डोर टू डोर एकत्रित करने के लिए 10 रिक्शों की शुरुआत कर दी है। चेयरमैन रविकांत अग्रवाल ने इन रिक्शों को हरी झंडी दिखाई। रिक्शे गली मोहल्लों में पहुंचकर सूखा-गीला कूड़ा एकत्रित करेंगे। उस कूड़े को लेकर कंपोस्ट यूनिट पर पहुंचेंगे। यूनिट में फिर से गीले कूड़े से सूखे अवशेषों को अलग किया जाएगा। रिक्शों के पहुंचने की सुविधा अभी चार वार्डों को ही मिलेगी। एक हफ्ते बाद 18 रिक्शे और आ जाने के बाद सभी वार्डों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। रिक्शे में हरे और नीले रंग के आठ कूड़ेदान होंगे। हरे कलर के कूड़ेदान में गीला और नीले कलर के कूड़ेदान में सूखा कूड़ा डालना होगा। ईओ लल्लनराम ने बताया कि एक घर से प्रतिमाह 40 रुपये और वाणिज्यिक संस्थानों से 100 रुपये लिए जाएंगे। फिलहाल, नगर के मोहल्ला प्रगतिपुरम, विनोवानगर, उस्मान गंज, प्रकाश नगर, गंगा नगर, सलेमपुर रोड, कश्यप नगर आदि में इन रिक्शों की शुरुआत कर दी गई है। यह व्यवस्था वहां भी अधिक प्रभावी होगी, जहां गलियां छोटी होने की वजह से कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियां नहीं पहुंच पा रहीं थीं।
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