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हाथरस: मस्ती की पाठशाला में बच्चों ने लिया ऑनलाइन समर कैम्प का आनंद

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हाथरस: ऑनलाइन समर कैंप में दौड़ती बच्ची। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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लॉकडाउन के कारण घर में बच्चे केवल स्कूली कार्य से बोर नहीं हो जाएं, इसलिए बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए समर कैंप के तहत मॉडल इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल गंगौली द्वारा मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया गया। अलग-अलग सत्र में शामिल होकर विशेषज्ञ अध्यापकों ने अलग-अलग गतिविधियां बच्चों को समझाईं।
इस ऑनलाइन शिविर के आयोजन का मकसद पांच से 14 वर्ष के बच्चों के बीच एक स्वस्थ जीवनशैली विकसित करना एवं हस्तशिल्प विधाओं की ट्रेनिंग देना था। शिविर में भाग लेने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को व्हाटसएप ग्रुप के माध्यम से वीडियो भेजी गई। प्रत्येक दिन दो घंटे नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में पेपरमेशी, डांस, म्यूजिक, पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, फिजिकल एक्टिविटी, योगा, पपेट्री आदि विभिन्न विधा के विशेषज्ञ शिक्षकों यथा प्रियंका, रवि भारद्वाज, सतीश अग्रवाल, दीक्षा शर्मा आदि ने प्रतिभागियों को कला की बारीकियों से अवगत कराया, जिससे नवोदित कलाकारों का हौसला बढ़ेगा और कला के प्रति उनमें रुझान पैदा होगा।
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25 मई से सात जून तक चला ऑनलाइन समर कैंप
हाथरस। 25 मई से सात जून तक इस शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में बच्चों को लॉकडाउन के कारण ऑनलाइन ही गतिविधियां सिखाई गईं। साथ ही विजेता बच्चों के नाम सुरक्षित कर लिए गए, जिन्हें विद्यालय खुलने पर पुरस्कृत किया जाएगा। संगीत कक्षा के माध्यम से बच्चों को हारमोनियम और पियानो बजाना सिखाया गया। संगीत में रुचि रखने वाले बच्चों ने ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से ही हारमोनियम बजाना सीख लिया। डांस क्लासेज के माध्यम से डांस में रुचि रखने वाले बच्चों ने ऑनलाइन डांस सीखा। बच्चों ने घर पर रहकर फोटो फ्रेम बनाना, सुंदर पेंटिंग करना ही नहीं, बल्कि रेसेपी बनाना भी सीखा।
कोई भी आपदा बच्चों को सीखने सिखाने की प्रक्रिया से नहीं रोक सकती। कोविड-19 आउट ब्रेक के दौरान ऑनलाइन समर कैंप ने न केवल बच्चों को तरो ताजा रखा है, बल्कि उनके साथ ही उनके अभिभावकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया है, जिससे उनमें भी पुन: नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
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-हेमंत कटारा, प्रधानाध्यापक, प्राइमरी स्कूल गंगौली।
इस तरह की गतिविधियों से बच्चे काफी सीखते हैं। हेमंत कटारा की यह अच्छी पहल है। अन्य शिक्षकों को भी उनसे सीख लेकर इस तरह के आयोजन करने चाहिए, जिससे बच्चों कुछ नया सीखने को भी मिलता है।
-मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस।
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