न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया प्रकरण में खुद को चश्मदीद बताने वाले छोटू का नाम गांव के परिषदीय विद्यालय में डंबर निकला है। इसकी जानकारी भी उसके परिजनों ने ही दी है। परिजनों ने बताया कि सीबीआई की जांच में यह नाम सामने आया है। उनको सीबीआई ने ही इस नाम के बारे में जानकारी दी है। परिजनों ने बताया कि अन्य दस्तावेजों, आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि में उसका विक्रांत नाम है।
गांव में छोटू तो सभी ऐसे ही बोलते हैं। परिजनों ने बताया कि सीबीआई की जांच के कारण घर की पूरी स्थिति बदल गई है। छोटू काम पर भी नहीं जा पा रहा है। परिजनों ने बताया कि छोटू ने हाईस्कूल की थी, लेकिन वो फेल हो गया था। छोटू की मां का कहना था कि मार्कशीट के हिसाब से उसकी आयु अब 16 वर्ष है। इस आधार पर वह अभी नाबालिग है। यदि आधार कार्ड देखें तो इसमें छोटू बालिग है और इसमें उसकी जन्मतिथि एक मार्च 2002 दर्ज है।