न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शुक्रवार की सुबह जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की, वैसे ही काफी लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई स्थानों पर इस खुशी का इजहार भी किया गया और मिठाई भी बांटी गई। सभी ने इसे किसानों की जीत बताया।
उल्लेखनीय है कि पूरे देश के साथ-साथ तीनों कृषि कानून यहां भी इस मुख्य मुद्दा बने हुए थे। विपक्षी दल इन कानूनों को लेकर सरकार की लगातार घेराबंदी कर रहे थे। ऐसे में जब सुबह प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की तो काफी लोगों ने अपने-अपने तरीके से खुशी जताई। विपक्षी दलों के नेताओं ने कई स्थानों पर कार्यक्रम किए। जिला न्यायालय परिसर में मिठाई बांटकर जश्न मनाया गया। इस मौके पर बसपा के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे बृजमोहन राही, विजय सिंह प्रेमी, राजीव तिवारी, रामब्रज सिंह, रंजीत सिंह, रामेश्वर दयाल, एनडी शास्त्री, सुरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, प्रेमपाल सिंह, साहूकार सिंह, योगेंद्र सिंह, इरफान, केके चौधरी, हरीमोहन शर्मा आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
जिला कांग्रेस कमेटी ने गांव ठुलई में एक कार्यक्रम में इसे किसानों की जीत बताते हुए वहां कुछ किसानों का माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इस मौके पर प्रदेश पदाधिकारी प्रेमशंकर दीक्षित, शिवनंदन सिंह, हरीशंकर वर्मा, पवन पंडित, विष्णु कुमार आदि मौजूद थे। भाकपा ने भी राज्य सचिव डॉ. गिरीश की अगुवाई में इस मौके पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया और मिष्ठान वितरित किया। डॉ. गिरीश ने कहा कि सरकार को यह काले कानून संसद में रद करने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाना होगा। इस मौके पर संजय खान, आरडी आर्य, सत्यपाल रावल, शिवनंदन, श्यामसुंदर वर्मा आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। संवाद