न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के बहुचर्चित प्रकरण में सीबीआई की जांच हर पहलू से जारी है। चारों आरोपी अभी तक गांधीनगर (गुजरात) से वापस नहीं लौटे हैं। वहीं खुद को घटना का चश्मदीद बताने वाले छोटू के यहां सीबीआई की टीम गई। टीम ने छोटू की गैरमौजूदगी में उसकी मां से पूछताछ की और उस दरांती को बारीकी से देखा, जिससे छोटू ने घटना के दिन चारा काटा था। छोटू के परिजनों की मानें तो सीबीआई की टीम उसका फोटो भी ले गई है।
बिटिया के बहुचर्चित प्रकरण में सीबीआई की जांच जारी है। इस घटना में सच अभी सामने नहीं आया है। चारो आरोपियों को कई दिन पहले सीबीआई की एक टीम पॉलीग्राफी टेस्ट कराने के लिए गांधीनगर (गुजरात) ले गई थी। वहां से उन्हें वापस नहीं लाई है। सीबीआई की एक टीम यहां भी छानबीन कर रही है। इस घटना में खुद को चश्मदीद बताने वाले छोटू उर्फ विक्रांत के घर सोमवार की शाम को सीबीआई की टीम गई।
छोटू की मां ने बताया कि वहां छोटू तो टीम कोे नहीं मिला, लेकिन उसकी गैरमौजूदगी में उसकी उनसे टीम ने पूछताछ की। टीम ने उस दरांती को बारीकी से देखा, जिससे छोटू ने घटना वाले दिन चारा काटा था। जिस खेत में घटना हुई, वह छोटू का ही है और छोटू ने खुद को घटना का चश्मदीद बताते हुए कहा था कि जब घटना हुई, वह निकट के ही खेत में चारा काट रहा था। इस दरांती के बारे में छानबीन के साथ-साथ इसकी फोटोग्राफी भी टीम ने की।
माना जा रहा है कि यह सीबीआई की फोरेंसिक टीम होगी। छोटू के परिजनों का कहना था कि सीबीआई ने छोटू से नार्को टेस्ट कराने के लिए भी कहा था कि छोटू की मां का कहना था कि पहले पीड़ित और आरोपी पक्ष का यह टेस्ट कराया जाए, तब उनका बेटा भी अपना टेस्ट करवा लेगा। वहीं छोटू का बड़ा भाई सोम सिंह जयपुर अपनी नौकरी पर चला गया है। छोटू की मां का कहना है पूछताछ के चलते छोटू अपने भाई के साथ जयपुर नहीं जा पा रहा है। इस बार खेतीबाड़ी भी सहीं नहीं हुई है और पूछताछ के चक्कर में उनका बेटा भी नौकरी पर नहीं जा पा रहा है।
सीआरपीएफ रही तैनात
हाथरस। सीआरपीएफ रोजाना की तरह मंगलवार को भी बिटिया के घर पर तैनात रही और परिजनों की कड़ी सुरक्षा करती रही।