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हाथरस : आगरा के सफाई कर्मी की मौत के मामले की हो सीबीआई जांच

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हाथरस : राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष जुगलकिशोर बाल्मीकी बिटिया के परिजनों से मिलने ? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
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हाथरस जिले के चंदपा क्षेत्र में दर्दनाक घटना घटी, लेकिन आज तक उस पीड़ित बेटी को न्याय नहीं मिल सका है। सीएम ने उस वक्त मृत बेटी के परिजनों को मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये, एक नौकरी और पक्का मकान देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इस घोषणा पर अमल नहीं हुआ और न ही सरकार ने कोई मदद की। इससे पूर्व वाल्मीकि बिटिया के गांव भी गए और परिजनों से मुलाकात की।
यह बातें पत्रकारों से वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सफ़ाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष जुगलकिशोर वाल्मीकी ने कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार पक्षपात की राजनीति करती है, क्योंकि जब लखनऊ में विवेक तिवारी मरते हैं तो उनकी बेवा को 40 लाख रुपये मिलते हैं और जिला गोरखपुर में मनीष गुप्ता की मौत होती है तो उनके परिजनों को भी 40 लाख रुपये और क्लास वन की नौकरी दी जाती है, लेकिन जब समाज के सबसे कमजोर वर्ग, दलित व वाल्मीकि समाज के किसी व्यक्ति के साथ घटना घटती है तो उसे सिर्फ दस लाख रुपये का ही मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाता है।
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उन्होंने आगरा जिले में थाने में सफाई कर्मचारी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में सिर्फ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पांच दिन तक इस व्यक्ति को यातनाएं दी गईं। उन्होंने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में जांच कराए जाने या सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि व दलित समाज के हो रहे शोषण से पूरे प्रदेश के लोगों में उबाल है। विधानसभा चुनाव में वाल्मीकि समाज वर्तमान सरकार को सत्ता से बेदखल करने का काम करेगा। इस दौरान पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन, जिला महासचिव जैनुद्दीन चौधरी आदि थे। संवाद
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