न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करने पर शहर के जाने-माने चिकित्सक व सरस्वती हॉस्पिटल के संचालक डॉ.एमसी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने क्वारंटीन के नियमों का पालन नहीं किया और कोरोना के संक्रमण का प्रसार किया।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. डीके अग्रवाल ने शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ. एमसी गुप्ता के खिलाफ कोतवाली में धारा 188, 269, 270, 271 व महामारी अधिनियम 1887 की धारा 3 में मुकदमा दर्ज कराया है। सरस्वती हॉस्पिटल संचालक डॉ. एमसी गुप्ता पिछले दिनों कोरोना पॉजीटिव निकले थे, जिसके बाद वह इलाज कराने मेदांता द मेडिसिटी हॉस्पिटल गुरुग्राम चले गए। यहां पर 16 जून से 24 जून तक इलाज चला। स्वस्थ होने पर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर निज निवास हाथरस भेज दिया गया।
कोरोना मरीज को नियमानुसार स्वस्थ होने के बाद एक सप्ताह तक होम क्वारंटीन होना अनिवार्य होता है। इसकी जानकारी डॉ. एमसी गुप्ता को एक डॉक्टर होने के नाते पूर्ण रूप से थी, लेकिन इसके बाद भी डॉ. गुप्ता स्वयं अपने निजी वाहन से 29 जून को जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी हाथरस के समक्ष प्रार्थना पत्र लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में उपस्थित हुए, जोकि होम क्वारंटीन नियमों के विरुद्घ था। इसे लेकर डीएम के निर्देश पर नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ डीके अग्रवाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
नोडल अधिकारी कोविड-19 की तहरीर के आधार पर डॉ. एमसी गुप्ता के खिलाफ होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने और कोरोना वायरस के संक्रमण को जन समाज में प्रसार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीशचंद्र, एसएचओ कोतवाली सदर।