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हाथरस कांडः आरोपों से घिरे डीएम प्रवीण कुमार का तबादला, परिजन बोले- करना था बर्खास्त

Fri, 01 Jan 2021 02:38 AM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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डीएम प्रवीण कुमार - फोटो : ANI
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बिटिया के शव के जबरिया अंतिम संस्कार कराने के आरोपों में घिरे डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार का आखिरकार शासन ने तबादला कर ही दिया। डीएम के खिलाफ कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताई थी। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को शासन ने मिर्जापुर में डीएम के रूप में ही नियुक्त किया है। डीएम इस जिले में करीब 22 महीने तैनात रहे। उनका तबादला साल के आखिरी दिन किया गया है। 

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उल्लेखनीय है  कि लोकसभा चुनाव के दौरान डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार की तैनाती चुनाव आयोग के निर्देश पर शासन ने इस जिले में पिछले साल की थी। तब आयोग ने तत्कालीन डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य को यहां से हटा दिया था। दो मार्च 2019 को वह यहां डीएम के रूप में तैनात हुए थे। इससे पहले वह पंचायतराज विभाग के विशेष सचिव के रूप में तैनात थे। अपने कार्यकाल में डीएम ने लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक कराए। उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर हुई उठापटक भी इन्हीं के कार्यकाल में हुई। 

डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार के बारे में जब 20 तोले सोना, क्रिस्टा इनोवा और एफडी देने की बात का वीडियो वायरल हुआ तो डीएम खुद इसकी तह तक गए और इस मामले में खुद मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें विहिप का जिलाध्यक्ष भी शामिल था। 
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डीएम हर तरह के विवादों से बचते रहे और नियम-कानून के हिसाब से ही काम करते रहे। कई बार जिले की कानून व्यवस्था को भी डीएम ने बखूबी संभाला, लेकिन बिटिया के बहुचर्चित प्रकरण में उन पर गंभीर आरोप लगे। उन पर यह आरोप लगा कि उन्होंने बिटिया के शव का मध्य रात्रि में परिजनों की इच्छा के विरुद्ध जबरिया अंतिम संस्कार कराया है। 

इसके बाद परिजनों को धमकाने का जब वीडियो वायरल हुआ तो भी डीएम पर आरोप लगे। हाईकोर्ट ने भी डीएम को न हटाए जाने पर नाराजगी जताई थी। हालांकि शासन ने कोर्ट में डीएम का बचाव किया था। अब 22 महीने बाद डीएम का शासन ने तबादला कर दिया है।

परिजन बोले- करना था बर्खास्त
डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार के तबादले पर बिटिया के परिजनों का कहना है कि हम चाहते थे कि शासन डीएम को बर्खास्त करे, लेकिन शासन ने केवल तबादला किया है।
 बिटिया के भाई का कहना था कि हमारी बहन के शव का डीएम ने हमारी इच्छा के विरुद्ध रात्रि में अंतिम संस्कार कराया। हम तभी से डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन ने केवल उनका तबादला किया है। 
हम अपनी यह मांग एसआईटी के सामने भी रख चुके थे। बिटिया के भाई का यह भी कहना है कि वर्ष 2020 ने हमें इतने जख्म दिए हैं कि हम भूल नहीं सकते। ऐसा साल फिर कभी न आए।

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