जिले के सभी विकास खंडों में निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण पर अब कोई प्रतिबंध नहीं होगा। अतिदोहित व क्रिटिकल विकास खंड (डार्क जोन) में नलकूप कनेक्शनों पर लगी रोक हटने से जिलेभर के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई।
अब तक भूगर्भ जल स्तर में गिरावट आने से डार्क जोन में चल रहे जिले के हाथरस, सादाबाद, सासनी, मुरसान और सहपऊ ब्लाक में किसानों को नलकूप कनेक्शन मिल सकेंगे। महकमे को इन ब्लॉकों में लगभग आठ से दस हजार नलकूप कनेक्शन जारी होने की संभावना है।
गौर हो कि पिछले काफी लंबे समय से डार्कजोन में शामिल ब्लाकों में कनेक्शन नहीं मिलने से सिंचाई के लिए मुसीबत किसान मुसीबत झेल रहे थे। कई बार इन ब्लॉकों में नलकूप कनेक्शन दिए जाने की मांग भी विद्युत उच्चाधिकारियों से की गई थी। अब जाकर 12 जनवरी को किसान हित को ध्यान में रखते हुए उप्र सरकार ने शासनादेश जारी कर अतिदोहित एवं क्रिटिकल विकास खंडों में किसानों द्वारा अपने स्रोतों से निर्मित किए जाने वाले निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
इस प्रतिबंध के समाप्त होते ही किसानों ने बिजली अफसरों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। कई किसान शुक्रवार को ओढ़पुरा बिजलीघर पर पहुंचकर नलकूप कनेक्शन के संबंध में अफसरों से बातचीत करते नजर आए। अफसरों ने इन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही निजी नलकूप कनेक्शन के लिए आवेदन लिया जाना शुरू हो जाएगा। महकमे के एसई प्रदीप अग्रवाल की मानें तो जिले के पांच ब्लॉकों के डार्क जोन से बाहर आने के बाद करीब आठ से दस हजार नलकूप कनेक्शन की डिमांड रहेगी। इस संबंध में चारों विद्युत वितरण खंडों को कार्यवाही के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
एमडी ने भी दिए नलकूप संयोजन के लिए आवेदन लेने के निर्देश
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने भी हाथरस अलीगढ़ के बिजली महकमे के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि डार्क जोन में शामिल ब्लाकों में निजी नलकूप के संयोजन के लिए आवेदन लेना शुरू कर दें।
भंडार से सामग्री मिलने में लगेगा दो से तीन माह का वक्त
एमडी एसके वर्मा ने यह बिजली अफसरों को नलकूप संयोजन के संबंध में यह भी निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं से आवेदन लेते समय उन्हें इस बाबत अवश्य बता दें कि नलकूप संयोजन के लिए भंडार से सामग्री मिलने में दो से तीन माह का समय संभावित है। इसलिए संयोजन मिलने में काफी वक्त लगेगा।