न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर से लेकर गांव तक जिले में महाशिवरात्रि के पर्व की धूम रही। सुबह से दोपहर तक शिवालयों में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का मेला लगा रहा। श्रद्धालुओं ने गंगाजल और पंचामृत से भगवान आशुतोष का अभिषेक किया और उसके बाद विल्व पत्र, फल, फूल, भांग, धतूरा, बतासे, सिंघाड़े आदि सामग्री से पूजन कर उनका भोग लगाया। दोपहर को मंदिरों में सफाई करने के बाद शिव परिवार के मनोहारी शृंगार किए गए। कहीं दूल्हे की वेशभूसा तो कहीं रुई के आवरण में भोलेनाथ सजे नजर आए।
देर रात तक शिवालयों में भोलेनाथ के दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ था और पूरा वातावरण घंटे-घड़ियालों की टंकार और हर-हर महादेव व बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रहा था। गंगाघाटों से कांवड़ों में लाए गए गंगाजल से भ्ी श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का अभिषेक किया। कांवड़ों पर सजे सामान को उनको अर्पित किया गया। सजी-धजी कांवड़ों को कंधों पर लेकर कांवड़िये शहर में भ्रमण करते हुए नजर आए। संवाद
इन मंदिरों पर रही काफी भीड़
हाथरस। शहर के सिकंदराराऊ रोड स्थित चौबे वाले महादेव, बागला कॉलेज मार्ग स्थित गोपेश्वर महादेव, चिंताहरण महादेव, कमला बाजार स्थित कामेश्वर महादेव, अलीगढ़ रोड स्थित कैलाश महादेव, रामलीला मैदान स्थित भकाभेंड़ा महादेव, चौमुखा महादेव, नवीपुर कलां स्थित नर्मदेश्वर महादेव, बौहरे वाली देवी स्थित शिव मंदिर, दुर्गेश्वर महादेव सहित अन्य शिव मंदिरों में काफी भीड़ लगी रही। संवाद
महिलाओं ने चढ़ाई जेहर
हाथरस। महाशिवरात्रि पर जेहर चढ़ाने की परंपरा भी पूरे उत्साह से निभाई गई। नवविवाहिताओं और पुत्र रत्न प्राप्त करने वाली महिलाओं ने घर, परिवार व अन्य पड़ोस की महिलाओं के साथ बैंडबाजों और ढोल नगाड़ों के बीच मंदिरों पर पहुंचकर जेहर चढ़ाई। इस दौरान मंगलगीत भी गाए गए। संवाद