वर्तमान में खुर्जा में इस पानी को पावर प्लांट के लिए ट्रांसफर कर दिया जा रहा है। इसके बाद खुर्जा के निकट परमा नामक जगह से अंडरग्राउंड पाइप लाइन और अन्य स्रोतों के माध्यम से इस पानी को आगरा में पेयजल आपूर्ति के लिए भेजा जा रहा है। इस कारण जिले तक पूरा पानी नहीं पहुंच पाता। विभागीय अफसरों का कहना है कि पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है।
हाथरस में पानी की आपूर्ति लक्ष्य के सापेक्ष नहीं हो पा रही है। इस कारण नहर व रजबहों में पानी कम रहता है। उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया है।-बलजीत सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई
- जिले को पानी की आवश्यकता - 800 क्यूसेक
- लक्ष्य के अनुसार हो रही आपूर्ति - 400 क्यूसेक
- नहर व रजबहों पर निर्भर खेती का क्षेत्रफल - 1,03,292 हेक्टेयर
- नहर-रजबहों पर निर्भर किसान - करीब 21 हजार
- जिले में नहर क्षेत्र की लंबाई - करीब 18 किलोमीटर
सादाबाद क्षेत्र के रजबहों में नहीं पहुंचता है पानी
हाथरस ब्रांच नहर में कमी होने से अक्सर सादाबाद क्षेत्र के रजबहों में पानी नहीं पहुंच पाता है। आलम यह है कि हर वर्ष यहां के किसान इस बारे में अधिकारियों को शिकायती पत्र देते हैं। सादाबाद क्षेत्र के कुरसंडा, नौगांव, टीकैत के रजबहों में इस बार भी पानी नहीं पहुंच रहा है। इनसे जुड़े नगला गिरधारी, नगला मांधाता, पुसैनी, गढ़ी आशा, नगला मोहल, नगला बबूल, नगला चांद, कुम्हरई, सरौठ, नगला बलवंत आदि गांवों के किसान हर साल रजबहे में पानी का इंतजार करते हैं।