हाथरस : कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान शहर का नक्शा देखते डीएम। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में भारत सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत हाथरस विनियमित क्षेत्र की जीआईएस आधारित महायोजना 2031 तैयार किए जाने के संबंध में बैठक हुई। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने प्राप्त सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर महायोजना में नियमानुसार समावेशित करने के निर्देश दिए। डीएम ने महायोजना 2031 को तैयार किए जाने के लिए नामित कार्यदायी संस्था द्वारा प्राप्त सुझावों के आधार पर योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने कहा कि महायोजना का माइक्रो प्लान तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए माइक्रो प्लान तैयार करें। इस मौके पर एसडीएम सदर ने बताया कि भारत सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत हाथरस विनियमित क्षेत्र की जीआईएस आधारित महायोजना 2031 तैयार किया जाना है। महायोजना बनाए जाने के कार्य के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एनके बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड को कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस महायोजना को तैयार करने के लिए निर्धारित प्रारूप को पांच भागों में विभाजित किया गया है। बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने अपने-अपने सुझाव व्यक्त किए गए।
सदस्यों द्वारा महायोजना के अंतर्गत हाथरस शहर में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना, जल निकासी के लिए समुचित व्यवस्था, आगरा-अलीगढ़ बाईपास के दोनों ओर व्यावसायिक और आवासीय जोन का निर्माण, शहर के चारों ओर रिंग रोड का निर्माण, औद्योगिक क्षेत्र को शहर की आबादी से अन्य स्थान पर प्रस्तावित किए जाने व व्यवसायिक क्षेत्र के अनुपात को बढ़ाए जाने के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। बैठक में नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा, सहयुक्त नियोजक संभागीय खंड नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग आगरा, सांसद प्रतिनिधि आदि मौजूद थे। संवाद