न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और बसपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सीमा कुशवाहा ने कहा कि चार दिन पहले सपा और भाजपा का चुनावी घोषणा पत्र आया, लेकिन बसपा ने कभी घोषणा पत्र नहीं निकाला। बसपा का चुनावी घोषणा पत्र भारत का संविधान है, जिसे भाजपा समाप्त करना चाहती है। संविधान ने ही आम आदमी को अधिकार दिए हैं, लेकिन भाजपा संविधान को हमसे छीनना चाहती है।
सीमा मुरसान रोड स्थित रॉयल पैलेस में सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी डॉ. अविन शर्मा के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है। भाजपा वालों ने कहा था कि हम 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे। किसान की आय तो दोगुनी हुई नहीं, लेकिन तीन काले कृषि कानून लागू कर दिए। जब देश का किसान इन तीन कृषि काले कानूनों के विरोध में एक साल तक आंदोलन पर बैठा, तब एक साल तक उनकी आवाज नहीं सुनी गई और यह लोग किसानों को आतंकवादी कहते रहे। जब 700 किसान शहीद हो गए। तब जाकर काले कृषि कानून वापस लिए। लखीमपुर खीरी में भाजपा के एक मंत्री के बेटे ने किसानों को रौंद दिया, ऐसा माहौल देश में भाजपा ने बना दिया है।
सीमा ने कहा कि जब पहली बार उन्होंने हाथरस जिले में कदम रखा था। तब दिल्ली में बैठकर रात के करीब ढाई बजे हम टीवी चैनल पर एक दर्दनाक मंजर देख रहे थे, वो मंजर था इस देश की 49 फीसदी महिला की आबादी की अस्मिता को जलाने का। सिर्फ एक शव को नहीं जलाया गया, बल्कि दलित समाज की अस्मिता और उसके स्वाभिमान की गरिमा को जलाया जा रहा था। इस सबका बदला आपको अपने वोट के अधिकार से लेना है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि ठोको, किसको ठुकवा रहे हो आप। इन्होंने कम से कम दो-तीन हजार फर्जी एनकाउंटर करवाए हैं। भाजपा की सरकार निरंकुश सरकार है। निर्भया कांड की बात करते हुए कहा कि सिस्टम नहीं चाह रहा था कि किसी को फांसी की सजा हो, लेकिन उन्होंने चार लोगों को फांसी पर इसलिए चढ़वाया, क्योंकि इस देश का हर नागरिक चाह रहा था। 2012 से 2017 की सपा सरकार में यूपी में बेटियां सड़क पर निकलती थीं, तब सपा के लोगों की गुंडागर्दी चरम पर थी। मुलायम सिंह कहते हैं कि जब दुष्कर्म की घटनाएं होती हैं, बेटों से गलती हो जाती है। ऐसी मानसिकता के लोग हैं यह।
उन्होंने 2013 के दंगे की याद दिलाते हुए कहा कि जब दंगे हुए, तब यूपी का आम आदमी रोया था। इन दंगों ने यूपी के लोगों को आंसू दिए हैं। वर्ष 2007 से 2012 बसपा का शासन शानदार रहा। देश का विकास हुआ है। बहन कुमारी मायावती जब भी भाषण देती हैं तो वह कभी भी जातिवाद या धर्म की बात नही करतीं, कभी उन्माद भरा भाषण नहीं देती हैं। सिर्फ विकास की बात करती हैं। उन्होंने अपने शासन में सर्वजन सुखाय, सर्वजन सुखाय का नारा दिया। बहन जी के शासन काल में इस देश का गरीब, मजदूर, दलित फख्र महसूस करता था। उन्होंने बहन जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी प्रत्याशी डॉ. अविन शर्मा के लिए समर्थन मांगा।
बसपा प्रत्याशी डॉ. अविन शर्मा ने कहा कि सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा बिना दूल्हे के बरात जैसी है। दूल्हा है नहीं और बरात घूम रही है। जो पांच साल क्षेत्र में नहीं दिखे, वो अब क्या दिखेंगे। आरएलडी प्रत्याशी पर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह जीतकर आगरा चले जाएंगे। इस मौके पर डॉ उमाशंकर शर्मा, दिनेश देशमुख, महेश कुशवाहा, श्रीकृष्ण प्रधान लोधई, जेपी सागर, दामोदर सिंह प्रधान, भगवान सिंह कुशवाहा, दिनेश भारती, सौबी कुरैशी, जलालुद्दीन, विजय सिंह सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन भगवान सिंह कुशवाहा ने की और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष महेश बाबू कुशवाहा ने की। संवाद